आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)14 मई।महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा 13 मई विश्व पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता कालेज की प्रधानाचार्य प्रोफेसर मीना कुमारी के द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र के ‘जन सूचना विभाग’ ने मिलकर इसे मनाने का निर्णय किया था।’संयुक्त राष्ट्र महासभा’ ने भी ‘3 मई’ को ‘अंतर्राष्ट्रीय पत्रकारिता स्वतंत्रता दिवस’ की घोषणा की थी। यूनेस्को महासम्मेलन के 26वें सत्र में 1993 में इससे संबंधित प्रस्ताव को स्वीकार किया गया था। इस दिन के मनाने का उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता के विभिन्न प्रकार के उल्लघंनों की गंभीरता के बारे में जानकारी देना है। दर्शनशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता कुमारी ने कहा कि 2024 विश्व प्रेस दिवस 31वां विश्व प्रेस दिवस है। यह दिवस एक स्वस्थ और कार्यशील लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र प्रेस के महत्व को रेखांकित करता है। सूचना के अधिकार के लिए प्रेस की स्वतंत्रता भी आवश्यक है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने मौलिक अधिकार घोषित किया है। प्रेस एक सामान्य शब्द है जिसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों शामिल हैं। डॉ. सिंकु को कुमारी ने कहा कि प्रेस की आजादी से यह बात साबित होती है कि उस देश में अभिव्यक्ति की कितनी स्वतंत्रता है। मंच का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सिंकु कुमारी के द्वारा किया गया। सभी छात्राओं ने अपनी आलेख की प्रस्तुति की। कार्यक्रम में शीला कुमारी, अंजू कुमारी तथा अन्य छात्राओं की उपस्थिति रहीं।

