
वर्षगांठ संदेश!
सबकी दुवाओं का
ऐसा असर होता रहा
शादी का चालीस साल
हंसते मुस्कुराते गुज़र गया।
न कभी बाधा ,न परेशानी
मस्ती से चलता रहा
दोनो की जिंदगानी
खुशी है ,शांति है
आपसी विश्वास है
भला बुरा सबमें
पास है ,साथ हैं।
हर मुश्किल आसान होता रहा
ग़म की परछाइयां हटती रही
बढ़ते रहे साथ मिलकर
खुशियां नजदीक आते रही।
अनजान सफ़र का साथी भी
अपना बनकर रह गया
प्रेम विश्वास और श्रद्धा से
अपने दिल की धड़कन में
बड़े आराम से बैठ गया।
अब न चिंता है न चाह है
न मन में कोई अभाव है
सब कुछ खुली किताब है
27अप्रील 1984 ही
शादी का चालीसवां साल है ।
सबका प्यार मिला है
बुजुर्गो का आशीर्वाद मिला है
हनुमान जी का कमाल रहा है
शादी का वर्षगांठ बेमिसाल रहा है
_पत्नी के लिए बधाई_


