आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)27 अप्रैल।राष्ट्रीय कुंँवर सेना के नेतृत्व में 26 अप्रैल को वीर बांकुरा बाबू कुंँवर सिंह का शौर्य एवं शहादत दिवस मनाया गया। जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय कुंवर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्मल सिंह शक्रवार ने की।इस अवसर पर वीर कुंवर सिंह की वीरता, स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम महानायक का जोश और जज्बा को जन जन को बताना जरूरी है।
इसके लिए विभिन्न स्थलों पर जाकर लोगों एवं समाज के सभी वर्गों को जागरूक किया गया। सर्वप्रथम आदमकद प्रतिमा पर वीर कुंवर सिंह पार्क एवं वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर में जाकर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। उसके बाद शहादत दिवस पर ‘कुँवर सिंह के शौर्य एवं बलिदान’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इसमें विषय प्रवर्तन कराते हुए मुख्य वक्ता शिक्षाविद् डॉ शशि बाबा ने कहा, भोजपुर वासियों के तन में,मन में और जुबान पर वीरता के जयघोष ही सुनाई देता है।
उनके शहादत के पहले विजयोत्सव वैश्विक पटल पर ऐसा अमिट छाप छोड़ा कि कैप्टन डनवर जैसे अंग्रेजों को पराजित करने के बाद आरा को आजाद करवा कर भारत की आजादी का मार्ग प्रशस्त किया। पूर्व प्रधानाचार्य प्रोफेसर गांधी जी राय ने कहा ब्रिटिश सल्तनत के विरूद्ध आरा का यह नेता राष्ट्रीय क्रांति का जननायक बन चुके थे। इनके छापामार युद्ध से अंग्रेज काफी भयभीत रहते थे। कब कुंवर सिंह के योद्धा इनको घेरकर मौत के घाट उतार देंगे।
यहीं कारण है की कुंवर सिंह को अंग्रेज कभी न पकड़ सके,न उन्हें हरा सके बल्कि बार बार पराजित होते रहे।अध्यक्ष निर्मल सिंह शक्रवार ने कहा, वीर कुंवर सिंह की परंपरा और संस्कृति को जब तक मेरे शरीर में जान है, तब तक इसको कायम रखने के लिए मैं संघर्ष करते रहूंगा। आरा के पूर्व सांसद प्रत्याशी राजू यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रघुवर प्रसाद चंद्रवंशी, ठाकुर राष्ट्रीय महामंत्री राज किशोर सिंह, प्रदेश सचिव बरमेश्वर सिंह बेहरा पूर्व प्रमुख जगदीशपुर के परशुराम सिंह चंद्रवंशी,जिला अध्यक्ष महंत सिंह मुखिया , रामकुमार सिंह रमाशंकर पांडे, मृत्युंजय भारद्वाज, अरुण पासवान, अवधेश पांडे ,शिवदास सिंह, महिला नेत्री शारदा कुवँर,नगर अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद प्रयाग यादव, शिव अजीत नारायण सिंह, युवा नेता नेता विकास सिंह, बाबू सोनू टाइगर ,ठाकुर संजीत कुमार, वीर कुंवर सिंह युवराज, बाबू कमल राज सिंह, कन्हैया महाप्रभु ,ठाकुर संजय सिंह इत्यादि प्रमुख थे धन्यवाद ज्ञापन महिला नेत्री पिंकी देवी ने किया जबकि जबकि संचालन डॉक्टर रघुबर प्रसाद चंद्रवंशी एवं बरमेश्वर सिंह बेहरा ने किया।

