
आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने बालू माफियाओं द्वारा सोन नदी के अस्तित्व को समाप्त करने व उससे उतपन्न हो रहे समस्याओं को लोकसभा में उठाया।
भोजपुर रोहतास में बह रही सोन की मुख्य धारा को बांध बालू माफिया कर रहे अवैध बालू निकासी।
नदी का अस्तित्व हो रहा समाप्त।
पर्यावरणीय आपदा के साथ उत्पन्न हो रहा जल संकट।
कृषि सहित अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव।
RKTVNEWS/आरा (भोजपुर)24 जुलाई।आज लोकसभा के मानसून सत्र के शून्य काल में आरा लोकसभा के सासंद कॉमरेड सुदामा प्रसाद ने भोजपुर – रोहतास के सोन नदी के अस्तित्व पर खतरे व उससे उतपन्न हो रही समस्याओं को सदन में उठाया।
उन्होंने कहा कि भोजपुर- रोहतास में बह रही सोन नदी के मुख्य धारा को बांध कर बालू माफियाओं द्वारा अबैध बालू निकासी की जा रही है। इस निकासी से नदी का अस्तित्व ही समाप्त हो रहा है। असामान्य गहराई होने के कारण सैकड़ों लोग डूब कर मर गए। नदी के दोनों किनारे कई किलोमीटर तक जल स्तर नीचे चला गया है। गर्मियों में जनता को पीने को पानी नही मिल रहा है। दोनों किनारे सड़कों पर रात दिन ट्रकों की लंबी कतार लगी रहती है । जिससे सड़कें तो खराब हो हीं रहें हैं ट्रकों से आये दिन सैकडों लोगों की दुर्घटना में जाने जा रही है।

उन्होंने कहा कि बालू माफियाओं द्वारा नदी के किनारे बालू का पहाड़ खड़ा कर दिया जा रहा है। जिससे खेती की उर्वरक छमता घट रही है लोगों को कई तरह की बीमारी हो रही है। आम लोगों की थाली में बालू मिल रहा है।
उन्होंने सरकार से सोन नदी के किनारे अवैध और अंधाधुंध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। खनन के कारण न केवल एक बड़ी पर्यावरणीय आपदा और जल संकट उत्पन्न हो रहा है, बल्कि स्थानीय कृषि और अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
