आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 अप्रैल।20 अप्रैल को महंत महादेवानंद महिला महाविद्यालय में प्राकृति विभाग द्वारा भगवान महावीर की जयंती पर पुण्य जन्मस्थली वैशाली पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रो मीना कुमारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए प्राकृति विभागाध्यक्ष डॉक्टर कुमारी शिल्पा ने भगवान महावीर के जीवन वृत्त को विस्तार से रखा।
प्राचार्या प्रो मीना कुमारी ने भगवान महावीर के पंच महा उपदेश विश्व के लिए कल्याणकारी और शांति पूर्वक जीवन जीने के लिए अमोघ मंत्र बताया। इन्होंने कहा की वैशाली में ही प्रथम गणतंत्र की स्थापना हुई थी। अहिंसा परमो धर्म तथा जियो और जीने दो का नारा विश्व के कई देशों ने अपनाया। भगवान महावीर के संदेश आज भी प्रासंगिक है।
मुख्य वक्ता प्रो राजीव कुमार ने कहा की भगवान महावीर जैन धर्म के 24वे तीर्थंकर थे। अहिंसा परमो धर्म इनके महान संदेश थे,बिहार के लाल और यही इन्हें मोक्ष भी मिला।आरा की पवित्र भूमि जैन
धर्मावलंबियों के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल है,तपोभूमि है। समाज के हर वर्ग के लिए जैन समाज ने बहुत योगदान दिया है जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोपरि स्थान है। पूरा जनपद जैन मंदिरों से भरा है।
उन्होंने बताया कि भगवान महावीर के जन्म उत्सव पर कई जगह भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है ,जोकि चैत्र त्रयोदशी तिथि
को मनाया जाता है । कार्यक्रम में महाविद्यालय के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार,दर्शन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ स्मिता कुमारी,हिन्दी की डॉ अंजुकुमारी,डॉ सिकी कुमारी डॉ आशा कुमारी, डॉ सुमैला फातमा,डॉ युगल प्रसाद,डॉ राजबाला,डॉ पिंकी शिक्षक उपस्थित रहे ।छात्राओं ने काफ़ी उत्साह के साथ कार्य क्रम प्रस्तुत की, जिसमें प्रथम पुरस्कार कोमल कुमारी को मिला ।धन्यवाद ज्ञापन पॉलिटिकल साइन्स विभाग की ख़ुशबू कुमारी ने की ।

