आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 अप्रैल। शनिवार को भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन दिगंबर जैन शांतिनाथ मंदिर पर चल रहे जैन धर्म पर आधारित भाषण प्रस्तुतिकरण का आयोजन हुआ।प्रथम खंड में वर्ग 8 तक के बालक –
बालिकों के लिए जिनका विषय था जैन धर्म की प्रासिंगता तथा द्वितीय खंड में वर्ग 9 से 12 तक के बालक-बालिकों का जिसमें जैन धर्म की प्राचीनता के विषय पर भाषण की प्रस्तुति हुई।भाषण प्रस्तुतिकरण की संयोजिका मोनिका जैन एवं अंजू जैन ने बताया की कई विद्यालयों के छात्र एवं छात्राए ने भाषण में भाग लिया। सभी ने अपने स्तर पर अच्छी प्रस्तुति दी। जैन धर्म के प्राचीनता के विषय में प्रतिभागियों ने अपने भाषण में बताया कि जैन धर्म एक प्राचीन धर्म है जो उस दर्शन में निहित है जो सभी जीवित प्राणियों को अनुशासित, अहिंसा के माध्यम से मुक्ति का मार्ग एवं आध्यात्मिक शुद्धता और आत्मज्ञान का मार्ग सिखाता है।
सभी प्रतिभागियों को समिति द्वारा प्रतिभागिता पुरस्कार दिया गया। जैन समाज के मीडिया प्रभारी निलेश कुमार जैन ने बताया कि जैन धर्म अति प्राचीन धर्म है इस धर्म का प्रचार-प्रसार भगवान महावीर ने प्रमुखता से किए तथा उन्होंने जियो और जीने दो, अहिंसा परमो धर्म इत्यादि अनेकों नारे विश्वभर में रह रहे लोगों को दिया।उन्होंने बताया कि भगवान महावीर के सिद्धांतो पर चलकर ही विश्व में शांति की कामना की जा सकती है।
संध्याकालीन कार्यक्रम में अष्टद्रव्य थाल सजाओं प्रस्तुति, शोभायात्रा रथ नव निर्माण के दातारों का सम्मान तथा कैसेट डांस के माध्यम से भाव नृत्य की प्रस्तुति हुई। संगठन मंत्री डॉ शशांक जैन ने बताया की रविवार को भगवान महावीर का अवतरण दिवस है इस उपलक्ष्य में ऐतिहासिक विशाल शोभायात्रा निकाली जायेगी। इस शोभायात्रा में शामिल होने के लिए कई राज्यों से भक्तगण आरा पहुंच रहे है। कार्यक्रम में अध्यक्ष डा विकास चंद्र जैन, उपाध्यक्ष रमेश जैन, डॉ श्वेता जैन, सचिव अखिलेश कुमार जैन, सह सचिव निलेश कुमार जैन, अजय प्रकाश जैन, कोषाध्यक्ष रजत कुमार जैन सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।

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