
अहसास..!
मैं लिखता हूँ उन अहसासों को
जो हमारे साथ गुजरी है
समाज और देश में घट रहीं
घटनाएं हमें सोचने पर
मजबूर करती हैं और यहीं
सोच हमें लिखने के लिए
प्रेरित करती है।
कहानियों में कभी सत्यता होती है
कभी मिथ्या होती है
पर एहसास कभी झूठे नहीं होते।

