RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 13 अप्रैल।अगिआंव प्रखंड अन्तर्गत धोबहा गांव में श्रीमद्भागवत सप्ताह यज्ञ में ब्रह्मपुरपीठाधीश्वर ज.गु.रा.विद्या वाचस्पति आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने कहा श्रीमद्भागवत कथा गोविंद कृपा से मिलती है,इसे साधना या साधन से प्राप्त नहीं किया जा सकता है। श्रीमद्भागवत भगवान नारायण का वांगमयी स्वरूप है।इससे जन्म और मृत्यु दोनो सुधरती है। श्रीमद्भागवत कथा से जीवन की व्यथा मिटती है, लोक और परलोक बनता है।अखंड शांति की प्राप्ति होती है। आगे आचार्य ने कहा आनंद मनुष्य के अन्दर है बाहर नहीं।इस आनंद को जीवन में कैसे प्रकट किया जाय,इसका विधि विधान बतलाता है श्रीमद्भागवत। श्रीमद्भागवत के महात्म्य को बतलाते हुए आचार्य ने कौशिक संहिता, देवर्षि नारद की भक्ति से भेंट,ज्ञान वैराग्य का जाग्रति, धुंधकारी मुक्ति की कथा कहते हुए सप्ताह कथा श्रवन विधि को बतलाया। आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत में ,18000श्लोक,,12,स्कंध और 335,अध्याय है।
इसके प्रथम स्कंध में अधिकार लीला, द्वितीय स्कंध मेंभक्ति अंग दर्शन लीला, तृतीय स्कंध मे सर्ग,चतुर्थ मे विसर्ग,पंचम स्कंध में स्थान लीला का दर्शन होता है।इसी तरह षष्ट स्कंध पैसण निरूपण लीला, सप्तम स्कंध मेंअतिवासना लीला, अष्टम स्कंध में स्तुति, नवम स्कंध मेन ईशानलीला,दशम् स्कंद में निरोध लीला ,एकादश स्कंध मे मुक्ति लीला और द्वादश स्कंध मेंआश्रय लीला का दर्शन होता है। सब मिलाकर संक्षेप में कहा जा सकता है कि श्रीमद्भागवत भक्त का चरित और भगवान की लीलाओं का बखान करता है।यह भगवान से मिलने का राजमार्ग है।…कथा श्रवण करने हेतु प्रक्षेत्र के भक्त कथामृत का पान कर रहे हैं,भक्ति रस की गंगा बह रही है जिसमे नर नारी गोता लगा रहे है।
आचार्य के साथ हस्तीनापुर से महंत रघुनंदन स्वामी,वाराणसी से त्रिगुणानंद स्वामी, ज्योतिषी मगलानंदजी,सुमनरामानुज भागलपुर से और निर्मल निराला बाबा,वेनीमाधव मिश्र शास्त्रीजी पधारे है।कथा संगीतमय झांकी के साथ मनोहारी हो रही है।कथा आयोजन के मुख्य यजमान कुशेश्वर मिश्र, पं.भिखारी मिश्र है और आयोजन को सफल बनाने मे रविशंकर मिश्र ,पंकज कुमार मिश्र, दिपक कुमार मित्र, रजनीश मिश्र संस्कार मिश्र ,प्रियांशु कुमार एवं समस्त ग्रामवासी आदि लगे है। कथा अपराह्न तीन से सात बजे तक चलती है।प्रातःकाल वैदिक रीति से वैदिक विप्रो द्वारा पूजन अर्चन का कार्यक्रम संपन्न होता है। कथा 18 अप्रैल तक चलेगी 19 अप्रैल को भंडारा होगा।


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