लू तथा अगलगी की घटना से बचाव के लिए विभिन्न विभागों, नगर-निगमों और सभी जिलों से आए अधिकारियों ने सहभागिता की।
लू से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन के साथ व्यापक स्तर पर प्याऊ निर्माण और जन जागरूकता पर हुई चर्चा।
RKTV NEWS/पटना(बिहार)21 मार्च।बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभागार में बृहस्पतिवार को आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार अग्निशमन सेवा, कृषि विभाग, वन विभाग, भवन विभाग, ऊर्जा विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार मौसम सेवा केंद्र, ग्रामीण विकास एवं आवास विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, राज्य के नगर-निगमों से अधिकारी व विभिन्न जिलों से आए अपर समाहर्ता सहित आपदा प्रभारी,लू से बचाव के लिए कार्य योजना एवं अगलगी की रोकथाम को मूर्तरूप देने उद्देश्य से एकत्रित हुए। यह कार्यशाला माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत की अध्यक्षता में तथा माननीय सदस्यत्रय पी. एन. राय, मनीष कुमार वर्मा व कौशल किशोर मिश्र के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला में प्राधिकरण के माननीय सदस्य मनीष कुमार वर्मा ने राज्य में लू एवं अगलगी से बचाव के सापेक्ष पूर्व तैयारी पर अपने विचार रखें। उन्होने पिछले वर्ष लू की भयावहता पर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में बढ़ोतरी और मौसम में बदलाव हो रहा है। वर्षा में बदलाव के कारण खेती के समय में भी बदलाव हो रहा है। इस वर्ष चुनाव के समय वोटरों और गर्भवती महिलाओं के बचाव के लिए उन्होने सभी हितधारकों को प्रत्येक बूथ स्तर पर तैयारी के लिए निर्देश दिए। माननीय सदस्य पी.एन.राय ने बढ़ती तापमान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी को मिलकर अंचल स्तर तक संवेदनशीलता के अनुसार लू और आग से बचाव के लिए कार्य करना होगा। उन्होने मई, जून महीनों में अस्पताल में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार और आवश्यक आपदा प्रबंधन के लिए तैयारी और डाटा संग्रहण पर कार्य करने को कहा । ओ.आर.एस घोल के उपयोग और जन-जागरूकता के जरिए लू और आग से बचाव के लिए उन्होंने सभी हित धारकों से अपील करते हुए प्राधिकरण द्वारा प्रशिक्षित सामुदायिक स्वयंसेवक, राजमिस्त्री, शिक्षक तथा जीविका दीदियों के सहयोग से कार्य करने की जरूरत पर बल दिया।
उन्होंने राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के माध्यम से कार्य करने के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का भी सुझाव दिया।
माननीय उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रत्येक वर्ष बढ़ती गर्मी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी हितधारकों से अगलगी और लू से बचाव के लिए पूर्व तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने लू और अगलगी से बचाव के लिए जन-जागरूकता, जंगली जानवरों के लिए पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ गर्मी से पीड़ित मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन एवं राज्य के सभी ट्रांसफार्मरों के सेफ़्टी ऑडिट पर विशेष रूप से कार्य करने को कहा। वहीं मौसम सेवा केंद्र के निदेशक सी.एन.प्रभु ने सभी हितधारकों को ससमय मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी देने की बात कहीं। वरीय सलाहकार डॉ. अनिल कुमार ने लू से बचाव की पूर्व तैयारियों हेतु विभिन्न विभागों की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं वरीय सलाहकार डॉ. जीवन ने बिहार के अगलगी से बचाव के उपायों के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया iधन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजित कुमार सिंह ने किया ।
