आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)10 मार्च। 9 मार्च को सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिन ब्यास पूजन के बाद कथा का प्रारंभ हुआ।बड़ी मठिया आरा के प्रांगण मे मठ मंदिर संरक्षण सह सेवा समिति के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक चल रहा है।कथावाचिका पूज्य श्री गंगा मिश्रा जी ने कहा की मनुष्य अपने स्वार्थ और माया मोह मे भगवान को भूल जाता है । जैसे गज ग्रह के प्रसंग में गज को था । वह अपने मित्र पत्नी और बच्चों के मोह भगवान को भूलकर जीवन बिता रहा था , पर जब ग्राह काल के रूप में आया तो उसके अपने ही उसे मरते छोड़ दिए । अंत में उसे भगवान की याद आती है तो भगवान ही उसकी रक्षा करते हैं। इसीलिए जीव का यह परम कर्तव्य है कि सारे कपट छोड़कर भगवान की शरणागति ग्रहण करें । साथ ही आज बहुत ही सुंदर बाल गोपाल भगवान की झांकी का दर्शन हुआ जिसे देखकर भगवान कृष्ण की जन्म की याद आती है की कैसे भगवान कृष्ण ने कंस जैसे आताताई के कारागार में वसुदेव देवकी के पुत्र के रूप में जन्म लेकर बाद में कंस का उद्धार किया । कथा में हजारों लोग शामिल हुए व कृष्ण जन्मोत्सव की अद्भुत झांकी का आनंद लिए ।कथा में मठ मंदिर संरक्षण सह सेवा समिति के अध्यक्ष चंदन ओझा, दीनानाथ मिश्रा,योगेंद्र सिंह, हरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपू ,राकेश रंजन उर्फ पुतुल, सुदर्शन राम, शिवजी ओझा, अमरदीप कुमार जय समाजसेवी, एनलुहक उर्फ मोलबी साहेब, सचितानंद ओझा, पवन पांडेय इत्यादि हजारों भक्त शामिल हुए।
