RKTVNEWS/दानापुर (पटना) 03 मार्च। आजादी के 76 साल बाद भी महादलित समुदाय मुख्यधारा से कोसों दूर है। संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार महादलित ख़ासकर मुसहर महिलाओं के लिए बेमानी हैं और सम्मानजनक जीवन का अधिकार अर्थहीन है। उनकी स्थिति में सुधार करना समाज की जिम्मेदारी ही ,नहीं सरकार का भी कर्तव्य है ,ये बातें आरटीआई कार्यकर्ता सह ऑल इंडिया अभिभावक संघ अध्यक्ष और पद्मश्री सुधा वर्गिज ने संयुक्त रूप से कही। साथ ही सरकार का इस ओर ध्यानाकृष्ट करने के लिए 02 मार्च को दानापुर में महादलित महिला सम्मान यात्रा निकाली गई, जिसमे दानापुर, पुनपुन, नौवतपुर, फुलबाड़ी एवं पटना सदर की हजारों महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। यात्रा कारियप्पा ग्राउंड दानापुर से शुरू हुआ एवं दानापुर बाजार होते हुए थाना मोड़ तक जाकर वापस करियप्पा ग्राउंड पहुंचा। उसके बाद करियप्पा ग्राउंड, दानापुर में महिला अधिकार सभा का आयोजन किया गया।जिसमे कई छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसमे छात्राओं का योगा डांस एवं मार्शल आर्ट का प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहा।
महिला दिवस के आयोजन के माध्यम से सरकार से सबसे वंचित महादलित समुदाय की महिलाओं के मान-सम्मान के लिए निम्नलिखित मांगें रखी गई:-
1. भूमिहीन महादलित परिवार की महिलाओं के नाम से भूमि का पर्चा मिलें ।
2. उस भूमि पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास शौचालय के साथ।
3. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर सभी महादलितों को प्राथमिकता के साथ मिले।
