स्वामी दयानंद ने संक्रमणकाल में भारतीयता व वैदिक चेतना की अलख जगाई : नीशू जायसवाल
स्वामी दयानंद ने भारतीय समाज को स्वयं से लड़ने की वैज्ञानिक चेतना प्रदान की : सुमन कुमार सिंह
आरा/भोजपुर 12 फरवरी।स्थानीय बी.एस.डीएवी. प.स्कूल, आरा में आज आर्य समाज के संस्थापक व महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती धूम-धाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विविध वैदिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बतौर अतिथि रूपम सिंह उपस्थित रहीं।
आज प्रातःकाल कक्षा छह से आठ के विद्यार्थियों द्वारा वृहद स्तर पर हवन-यज्ञ किया गया। हवन-यज्ञ में प्राचार्या सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिका भी शामिल हुए। हवन के उपरांत महर्षि दयानंद के जीवन-दर्शन व अवदानों से विद्यार्थियों को रु-ब-रु कराया गया। प्राचार्या नीशू जायसवाल ने स्वामी जी के विचारों से बच्चों को अवगत कराते हुए कहा कि उनका जीवन-दर्शन संपूर्ण भारतीय जनमानस के प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सभ्यता व संस्कृति के संक्रमणकाल में भारतीयता व वैदिक चेतना की अलख जगाई। इस क्रम में शिक्षक सुमन कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी जी आधुनिक भारत के अग्रणी स्वप्नद्रष्टा रहे हैं।
उन्होंने भारतीय समाज को स्वयं से लड़ने की वैज्ञानिक चेतना प्रदान की। वरिष्ठ संस्कृत शिक्षक सुशील कुमार व वरुण कुमार झा के निर्देशन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन -यज्ञ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भजन प्रतियोगिता तथा दयानंद के जीवन पर आधारित चित्र प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। वहीं कक्षा एल.के.जी.से द्वितीय तक के विद्यार्थियों के लिए खेल-कूद व पिकनिक का आयोजन भी किया गया जिसमें बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ हिस्सा लिया।
भजन-कीर्तन का निर्देशन संगीत शिक्षक वेदप्रकाश पाठक तथा कंप्यूटर शिक्षक अभिषेक कुमार के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विदित हो कि इस अवसर पर तीन दिवसीय (10से12फरवरी तक) जन्मोत्सव-स्मरणोत्सव का एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन भी स्वामी दयानंद जी की जन्मस्थली गुजरात के टंकारा में धूमधाम से संपन्न हुई जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने भी संबोधित किया।

स्वामी दयानंद ने संक्रमणकाल में भारतीयता व वैदिक चेतना की अलख जगाई : नीशू जायसवाल
स्वामी दयानंद ने भारतीय समाज को स्वयं से लड़ने की वैज्ञानिक चेतना प्रदान की : सुमन कुमार सिंह