डायन के नाम पर प्रताड़ित करने वाले लोगों पर होगी नियम संगत कार्रवाई।
डायन प्रथा को खत्म करने के उद्देश्य से निकाला गया जागरूकता रथ।
चतरा/झारखंड 02 फरवरी।महिला बाल विकास विभाग एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग झारखण्ड राँची के निर्देश के आलोक में आज समाहरणालय परिसर से उपायुक्त श्री अबु इमरान ने दो डायन प्रथा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों, विभिन्न प्रखण्डों के हाट बाजरों, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर रोस्टर अनुसार घूम घूम कर आम जनों को जागरूक करने का कार्य करेगी। ताकि सामाज में व्याप्त इस कुप्रथा के प्रति लोगों में जागरूकता लाया जा सके।
बताते चले कि डायन प्रथा के नाम पर महिला पर अत्याचार को रोकने हेतु निम्नलिखित कानूनी पहल सरकार द्वारा की गई।
धारा-3 के तहत डायन की पहचान करने वाले व्यक्ति को 03 माह का कारावास अथवा 1000 (एक हजार) का जुर्माना अथवा दोनो। धारा-4 के तहत प्रताड़ित करने का हर्जाना 06 (छः) माह तक का कारावास अथवा 2000 (दो हजार) का जुर्माना अथवा दोनो। धारा-5 के तहत डायन का पहचान के दुष्प्रेरण 03 माह का कारावास अथवा 1000 (एक हजार) का जुर्माना अथवा दोनो सजा दण्डित किया जा सकता है।
उक्त मौके पर उप विकास आयुक्त उत्कर्ष गुप्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरजमुनी कुमारी समेत जिले अन्य विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

