नई दिल्ली/तंजीम फात्मा ,01 फरवरी।वायस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया ने गुरुवार को अपना पदभार संभाल लिया है।वायस एडमिरल लोचन सिंह चीफ हाइड्रोग्राफर के तौर पर भारत सरकार में अपनी सेवाएं देंगे।1990 में भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में वायस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया कमीशन हुए।उन्होंने हाइड्रोग्राफी में विशेषज्ञता हासिल की है।.वायस एडमिरल लोचन सिंह भारतीय नौसेना पोत संधायक और दर्शक नाम के दो जहाजों की कमान भी संभाल चुके हैं।इसके साथ ही वायस एडमिरल लोचन सिंह को अपने बुनियादी हाइड्रोग्राफी पाठ्यक्रम के दौरान अन्तर्राष्ट्रीय समुद्री अकादमी, ट्राइस्टे इटली से कैट बी की डिग्री से सम्मानित किया जा चुका है।फ्लैग ऑफिसर नेवल एकेडमी, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी),वेलिंगटन और कॉलेज ऑफ़ डिफेंस मैनेजमेंट (सीडीएम) सिकंदराबाद से स्नातक हैं।इसके बाद उन्होंने मद्रास विश्विद्यालय से रक्षा और रणनीतिक अध्धयन में और उस्मानिया विश्वविद्यालय से प्रबंधन अध्ययन से परास्नातक की डिग्री हासिल की।वायस एडमिरल लोचन सिंह एक क्वालीफाई साक्षात्कार आफिसर (एसएसबी) भी हैं।चीफ हाइड्रोग्राफर के तौर पर पदभार संभालने से पहले वायस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया राष्ट्रीय जलसर्वेक्षक कार्यालय देहरादून में संयुक्त मुख्य हाइड्रोग्राफर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।इसके अलावा उन्होंने नौसेना चयन बोर्ड ( विशाखापत्तनम) में उप प्रमुख , एकीकृत मुख्यालय , नई दिल्ली में जलसर्वेक्षक निदेशालय में प्रधान निदेशक और राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक कार्यालय देहरादून में प्रभारी अधिकारी भी रहे हैं।

