
हरियाणा: नारनौल:केवल ग्रीन पटाखों का हो सकता है सीमित उपयोग।
दीवाली पर्व पर रात्रि 8 से 10 बजे तक चलाए जा सकेंगे ग्रीन पटाखे।
RKTV NEWS/नारनौल(महेंद्रगढ़) 30 अक्टूबर। जिलाधीश मोनिका गुप्ता ने एक आदेश पारित कर जिले की सीमा के भीतर ग्रीन पटाखों को छोड़कर संयुक्त पटाखों (श्रृंखला पटाखे या लारी) और सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा आतिशबाजी में बेरियम लवण पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। इससे भारी वायु ध्वनि प्रदूषण और ठोस अपशिष्ट की समस्या होती है।
जिलाधीश ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय के अनुसार अधिक मात्रा में पटाखे बजाने से वातावरण दूषित हो सकता है। जिससे श्वास के रोगियों को भारी तकलीफ होती है। सरकार के दिशा-निर्देश व हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझाव पर अमल करते हुए वायु प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए पटाखों की बिक्री व उत्पादन पर प्रतिबंध लगाया जाता है। यह आदेश 31 जनवरी 2025 तक लागू रहेंगे।
दीवाली और गुरु पर्व के दिन रात को 8 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे बजाए जा सकते हैं।
क्रिसमस और नए साल की पूर्व संध्या पर, जब आधी रात के आसपास यानी 12:00 बजे ऐसी आतिशबाजी शुरू होती है, तो यह रात 11:55 बजे से 12:30 बजे तक ही होगी।
आदेशों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक अधिनियम 1884 तथा विस्फोटक नियम, 2008 की सुसंगत धाराओं के अनुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
