पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 1 फरवरी। भाकपा-माले के महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य ने पूर्णिया के रंगभूमि मैदान पर एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए पूर्णिया की धरती को महान साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु, नक्षत्र मालाकार और अजीत सरकार की धरती बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के 6 महीने के बाद ही जिस विचारधारा के लोगों ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी, वही ताकतें आज देश में राज कर रही हैं। ऐसे में देश को बचाने के लिए हमें एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। आज संविधान पर हमला हो रहा है। हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और समाजवादी भारत के निर्माण की बात करता है। लेकिन आज संविधान के हर पहलू की हत्या की जा रही है। 22 जनवरी को पूरे देश ने धर्म व राजनीति का घालमेल देखा। संसद भवन का उद्घाटन एक राजनीतिक कार्यक्रम था लेकिन उसे धार्मिक बना दिया गया। साधु समाज की उपस्थिति एवं सेंगोल से उस कार्यक्रम मे धर्म एवं राजतंत्र की बू आई। वहीं 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा एक धार्मिक कार्यक्रम था जिसे राजनीतिक बना दिया गया। ऐसी स्थिति में हमें संविधान को अपने पैरों पर फिर से खड़ा करना होगा और सामाजिक न्याय एवं लोकतंत्र के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा हिंदुस्तान की पूरी सत्ता पर कब्जा चाहती है। वह किसी भी राज्य में विपक्ष की सरकार को चलने नहीं देना चाहती है। पहले महाराष्ट्र में और अब बिहार में सत्ता का हड़प हुआ। झारखंड, कर्नाटक, पंजाब, पश्चिम बंगाल हर जगह जहाॅ विपक्ष की सरकार है, उसे परेशान करने में भाजपा की सरकार लगी है।
महागठबंधन सरकार में युवाओं को पक्की नौकरी मिली। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार द्वारा कराए गए जातिगत सर्वे ने बिहार की भयंकर गरीबी को भी उजागर किया है। लगभग दो तिहाई आबादी गरीबी से गुजर रही है। यही हाल पूरे देश का है। अब पूरे देश में जातीय जनगणना की मांग उठने लगी है। भाजपा ने इस एजेंडे को सट्टा हड़प के जरिए खत्म करने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि कर्पूरी जी के जन्म दिन 24 जनवरी से गांधी जी के शहादत दिवस 30 जनवरी तक हमारी पार्टी की ओर से बिहार में “संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ” अभियान चलाया गया। कर्पूरी जी बेहद कम समय के लिए दो बार मुख्यमंत्री बने। कम समय में ही उन्होंने वंचित समुदाय को आरक्षण देने का काम किया। महिलाओं को भागीदारी दी। राजनीतिक बंदियों की रिहाई कराई। उन्होंने कभी भी अपने विचारों से समझौता नहीं किया। कर्पूरी जी सत्ता के नहीं बल्कि संघर्षों के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सबसे अधिक नौ बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। लेकिन उन्होंने कर्पूरी जी की विरासत से घोर विश्वासघात किया है। आज का दौर आजादी की लड़ाई के समय का दौर है हमें देश और संविधान को बर्बाद करने की भाजपाई साजिश को चकनाचूर करना है। बिहार में महागठबंधन पहले से था और है। इंडिया गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी ने नफरत के खिलाफ मोहब्बत का संदेश लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक की भारत जोड़ो यात्रा की। इस बार भी उनकी भारत जोड़ो न्याय यात्रा मणिपुर से शुरू हुई है जिसका अंत मुंबई में होगा। उन्होंने कहा कि मणिपुर में पिछले कई महीनों से भाजपा के शासन में राज्य संरक्षित हिंसा हो रही है। मणिपुर के पीड़ितों के लिए न्याय के पक्ष में यात्रा शुरू करने के लिए उन्होंने राहुल गांधी को धन्यवाद दिया। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा की सफलता की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के विधायक, नेता एवं कार्यकर्ता इस यात्रा में भरपूर सहयोग करेंगे।

