वैदिक संस्कृति और सनातन धर्म अपनाने की सीख दी थी स्वामी विवेकानंद जी:प्रो सच्चिदानंद सहाय
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 12 जनवरी।आज स्वामी विवेकानंद की जयंती पर श्री चित्रगुप्त मंदिर प्रबंध समिति और चित्रांश वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में दिनेश मुन्ना मुतवली की अध्यक्षता में मंगलम उत्सव पैलेस सखी साहू रोड में हर साल की तरह इस साल भी उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें सैकड़ो लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम स्वामी जी के चित्र पर पुष्पांजलि से प्रारंभ हुआ। कार्यक्रम का संचालन करते हुए युवा चित्रांश वाहिनी के संयोजक सचिन सिंहा ने विवेकानंद के जीवन वृत्त को रखते हुए कार्यक्रम पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष भाषण में दिनेश प्रसाद मुन्ना ने सभी युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि युवा अपनी शक्ति का सही उपयोग करें और स्वामी विवेकानंद जैसा प्रभाव समाज में बनाएं ताकि देश और समाज का कल्याण हो सके। युवाओं को व्यावहारिक और नैतिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लेना होगा। पूर्व प्राचार्य प्रो सच्चिदानंद सहाय ने कहा कि स्वामी जी अपने बौद्धिक आध्यात्मिक चारित्रिक सनातन धर्म और विद्वत्ता को लेकर पूरे विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाया और विश्व गुरु बनने की तमाम गुना को प्रदर्शित किया था। अब जरूरत है कि हम सभी स्वामी जी के विचारों स्वामी जी के गुना को अपनाकर समाज को एक नई दिशा और गति दे। धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा चक्र के संयोजक विनय श्रीवास्तव ने दिया। अनेक वक्ताओं ने अपने विचारों से अवगत कराया कार्यक्रम के उपरांत चूडा दही गुड तिलकुट का पारंपरिक भोज हुआ।
इस अवसर पर प्रमुख लोगों में वंदना राजवंशी, धनंजय प्रसाद यादव ,संतोष श्रीवास्तव ,रवि रंजन सहाय, रंजन श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव ,वीरेंद्र श्रीवास्तव ,डॉ रमेश कुमार सिंह उर्फ करण जी ,विनय कुमार श्रीवास्तव, सुधीर श्रीवास्तव आदि थे।

वैदिक संस्कृति और सनातन धर्म अपनाने की सीख दी थी स्वामी विवेकानंद जी:प्रो सच्चिदानंद सहाय