गढ़वा/झारखंड 09 जनवरी।उपायुक्त -सह- अध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता समिति, गढ़वा शेखर जमुआर ने आज समाहरणालय के सभाकक्ष में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक सम्पन्न की। उक्त समीक्षात्मक बैठक में जल जीवन मिशन के तहत मुख्य रूप से हर घर जल नल योजना के तहत एकल ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना एवं बहू ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गढ़वा प्रदीप कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि जिला अंतर्गत जल जीवन मिशन के कुल एफएचटीसी को पूर्ण करने हेतु 298535 लक्ष्य प्राप्त है, जिसके विरुद्ध अब तक 171522 एफएचटीसी के कार्य पूर्ण कर लिए गयें है। शेष एफएचटीसी (हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) के कार्य वर्ष 2024 के अंतर्गत पूर्ण रूप से आच्छादित करने का कार्य कर लिया जाएगा। एकल ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना के अंतर्गत 894 योजनाएं चालू है जबकि 627 योजना का कार्य प्रगति पर है। जेजेएम एसवीएस (सिंगल विलेज स्किम) क्लस्टर योजनाओं की स्थिति बताते हुए कहा गया कि कुल 2574 एसवीएस क्लस्टर योजनाएं हैं, जिसमें 917 योजनाएं चालू हैं जबकि 1657 योजनाओं में कार्य जारी है। इसके अंतर्गत एफएचटीसी का कुल उपलब्धि 67997 है जबकि शेष 2200 एफएचटीसी के कार्य बाकी है, जिन्हें ससमय पूर्ण कर दिया जाएगा। आगामी ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था करने हेतु उपायुक्त जमुआर द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति के विभिन्न योजनाओं को पूर्ण करने के अतिरिक्त खराब पड़े चापानलों की मरम्मती ससमय करा देने का निर्देश दिया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक करते हुए उपायुक्त द्वारा स्वच्छता की ओर किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गढ़वा श्री सिंह द्वारा जिले के विभिन्न गांवों को स्वच्छता के क्षेत्र में स्टार रेटिंग एवं ओडीएफ प्लस डिक्लेरेशन से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन से अवगत कराया गया। इसके तहत ऑनलाइन आईएचएचएल (इंडिविजुअल हाउसहोल्ड लैट्रिन एप्लीकेशन) आवेदनों के प्रतिवेदन, कचरा प्रबंधन एवं परिवहन हेतु खरीदे गए वाहनों की अद्यतन स्थिती, सेग्रिगेसन शेड के निर्माण एवं संचालन से संबंधित स्थिति, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का अधिष्ठापन, गोबर गैस प्लांट के अधिष्ठापन संबंधी प्रतिवेदन एवं मेंस्ट्रूअल हाइजीनिक मैनेजमेंट की स्थिति समेत अन्य योजना के तहत विभिन्न प्रखंडों में अव्ययगत राशि की स्थिति से अवगत कराया गया। जिला अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों के गांव के स्टार रेटिंग का ओडीएफ प्लस डिक्लेरेशन के प्रतिवेदन के तहत सभी प्रखंडों की बारी-बारी समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि कुल 819 गांव में 768 गांव ओडीएफ प्लस घोषित हो चुके हैं, जबकि भंडरिया, विशुनपुरा, धुरकी, गढ़वा, कांडी, केतार, खरौंधी, मंझिआंव, मेराल, नगर उंटारी, रंका एवं सगमा को मिलाकर कुल 51 गांव ओडीएफ प्लस डिक्लेअर करना शेष है। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के इंस्टॉलेशन में ब्लॉक लेवल पर कुल 07 प्रखंड चिन्हित किए गए हैं, जिसमें 06 प्रखंडों में कार्य शुरू कर दिया गया है। 01 प्रखंड में 25%, 01 में 50% तथा 04 प्रखंडों में 100% कार्य पूर्ण कर लिया गया है। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गढ़वा के अंतर्गत कराए जा रहे शेष कार्यों को ससमय पूर्ण करने संबंधी बातों पर चर्चा की गई।
उक्त समीक्षात्मक बैठक में उपरोक्त पदाधिकारी के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त राजेश कुमार राय, जिला समन्वयक जेजेएम, जिला समन्वयक एसबीएम, जिला समन्वयक जेजेएम एमआईएस, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थें।
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