पटना/ बिहार 28 दिसंबर।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और अन्य महाविद्यालयों में भोजपुरी के अध्ययन अध्यापन को सुचारु रूप से चलाने संबंधी अपनी मांगों को लेकर भोजपुरी छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधान परिषद के सदस्यों प्रो डॉ वीरेंद्र नारायण यादव और संजय मयूख को ज्ञापन सौंपा। प्रमुख मांगों में स्थापना काल से ही स्थाई शिक्षक विहीन पीजी विभाग तथा दो अन्य राजकीय डिग्री कॉलेजों में शिक्षक कर्मचारी की बहाली, 2016 में अकादमिक कौंसिल और सीनेट से अनुमोदित जैन कॉलेज, जगजीवन कॉलेज तथा डी के कॉलेज डुमरांव में भोजपुरी की पढ़ाई चालू करना शामिल है। ज्ञात हो कि वर्ष 2006, 2007, 2010, 2014, 2016 में विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षक कर्मचारी की बहाली का प्रस्ताव बिहार सरकार को भेजा गया मगर शिक्षा विभाग मौन बना रहा। वर्तमान कुलपति ने भी हर जिला मुख्यालय के एक अंगीभूत कॉलेज में पढ़ाई शुरु करने और बहाली को लेकर आश्वासन दिया था। मगर भोजपुरी के पठन पाठन को लेकर उदासीनता बरकरार है। उच्च शिक्षा में भोजपुरी की बदहाली से विश्वविद्यालय के स्थापना का उद्देश्य भी धूमिल पड़ता जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल यशवंत कुमार सिंह, रवि प्रकाश सूरज, सोहित सिन्हा, राजेश कुमार ने बताया कि विधान पार्षद के आवास पर सरकारी आश्वासन समिति अध्यक्ष और पार्षद प्रो वीरेंद्र जी ने मुद्दों को हल करने के लिए शिक्षा मंत्री और अन्य विभागों में हरसम्भव प्रयास की बात की है। भोजपुरी छात्र संघ ने पहले भी इस मामले को लेकर राज्यपाल, शिक्षामंत्री से मिलने की बात की है। भोजपुरी छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने इस आशय का ज्ञापन विधान पार्षद संजय मयूख को भी सौंपा है। साथ ही उनसे विभाग को भोजपुरी के उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में बदलने के लिए पुस्तकालय वाचनालय के विकास में सहयोग के लिए लिखा है।
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