आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 दिसंबर।कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर आरा के द्वार गढ़हनी प्रखंड के काउप, इचरी, हरपुर तथा बरौरा पंचायत के विभिन्न गांवों में विकसित भारत विकास यात्रा के जन जागरण कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को ड्रोन के प्रयोग की जानकारी दी गई ।जानकारी देते हुए डॉक्टर प्रवीण कुमार द्विवेदी हेड कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर ने बताया की कम समय में आप बड़े क्षेत्रफल में बहुत ही आधुनिक तरीके से अपने फसलों पर उर्वरकों एवं जैविक कीटनाशक का प्रयोग कर सकते हैं । इन मशीनों के क्रय करने पर भारत सरकार के द्वारा कई प्रकार के अनुदान भी किसानों के समूह जैसे फार्मर्स प्रोड्यूसर्स कंपनी एवं पैक्स को दिए जाने हैं।
इस अवसर पर किसानों के मध्य ड्रोन को चलकर और हवा में उड़ाकर तथा मशीन से जैविक दवा छिड़काव का प्रत्यक्षण भी किया गया।
इसी क्रम में उन्होंने जानकारी दी कि अभी खेतों में संतुलित उर्वरकों के प्रयोग और किसानों को जैविक खेती के बारे में भी नवीन तकनीक की जानकारी दी गई और उन्हें यह जानकारी दी गई कि इसका प्रयोग करने से खेतों की उर्वरा शक्ति जल धारण क्षमता के साथ ही आपके उत्पादों की गुणवत्ता में भी बहुत ज्यादा वृद्धि होती है।सिंचाई में जल की मांग भी काफी कम हो जाती है ।रवी की फसलों में कई प्रकार की चुनौतियां आ रही है जिसकी की चर्चा किसानों ने की और इस संबंध में उनको सामयिक सुझाव भी दिया गया।
कार्यक्रम में स्वच्छता से जुड़े विषयों पर भी लोगों को जानकारी दी गई और खेतों के पुआल को जलाए नहीं बल्कि इसका प्रसंस्करण करके इसे एक अच्छी खाद बना सकते हैं। साथ ही इनका प्रयोग कर आप अपने लिए मशरूम के द्वारा बहुमूल्य प्रोटीन भी पैदा कर सकते हैं एवं इससे रोजगार के भी नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित डीडीएम नाबार्ड भोजपुर रंजीत सिंहा ने किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ के बारे में जानकारी दी एवं किसानों को मध्य बिहार ग्रामीण बैंक के सहयोग से किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण भी किया गया।
उपस्थित महिलाओं को उज्ज्वला योजना की जानकारी दी गई एवं उपस्थित डीलर के माध्यम से नए लाभार्थियों का चयन भी किया गया। जीविका के पदाधिकारी ने जिन लोगों का राशन कार्ड नहीं बना है उनके लिए सूची भी बनाई और आगे की प्रक्रिया की जानकारियां भी दी ।राशन कार्ड का आवेदन, आवास सहायकों के द्वारा आवास से संबंधित सूचनाओं दी गई किस किस श्रेणी के लोगों को इस प्रकार की सुविधा सरकार के द्वारा देय हैं।

