आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 13 दिसंबर।शिक्षा विभाग द्वारा बिहार के संपूर्ण शिक्षा जगत को तानाशाही कार्यशैली से संचालित करने और लगातार अव्यवहारिक, अपमानजनक, असंवैधानिक एवं नियम विरुद्ध आदेश जारी किए जाने से उत्पन्न स्थिति पर निर्णयों की जानकारी देते हुए फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. कन्हैया बहादुर सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया की जे. पी.आन्दोलन और आपातकाल के गर्भ से निकले नेताओं में श्री लालू प्रसाद यादव जी एवं महागठबंधन सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी से फुटाब अपील करती है कि बिहार का शिक्षा जगत, जिसे एक अघोषित आपातकाल की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, उसकी समीक्षा कर अविलम्ब रोक लगाई जाए।साथ ही सरकार द्वारा यह तय किया जाए कि एक अपर मुख्य सचिव को अपने विभागीय मंत्री से भी अधिक अधिकार कैसे प्राप्त है? वगैर मंत्री के अनुमोदन के निर्गत अधिसूचनाएं कानूनी रूप से वैध नहीं हैं। इन्होंने बताया की संघ गठन ,सदस्यता ग्रहण, शिक्षकों को प्रतिदिन 5 वर्ग का संचालन,पूरा नहीं होने पर या दूसरी स्थान पर पूरा न करने पर एक दिन की वेतन कटौती करने, इसका विरोध करने वाले शिक्षक नेताओं अथवा शिक्षकों के वेतन, पेंशन पर रोक लगाने और दंडित करने वाले तुगलकी आदेशों पर बैठक में भारी रोष व्यक्त किया गया।सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर सरकार सभी गैर संवैधानिक, अधिनियम एवं परिनियम विरोधी दंडात्मक आदेशों को वापस नहीं लेती है तो सभी कॉलेज एवं विश्वविद्यालय शिक्षक दिनांक 16 दिसम्बर से नियमानुकूल कार्य(वर्क टू रूल) के सिद्धांतों का पालन करेंगे।अन्य मांगों मे सरकारी कर्मचारियों की तरह बजट उपरांत नियमित वेतन, पेंशन, सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान,चतुर्थ चरण की लंबित वेतन/पेंशन और सेवा सामंजन ,एनपीएस योजना को सभी विश्वविद्यालयों में शीघ्र लागू ,चाइल्ड केयर लीव ,पीएचडी इन्क्रीमेंट का भुगतान किया जाय,आयोग द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति आदि है।
फुटाब की बैठक में सभी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ मुख्यमंत्री को विरोध पत्र लिखेगें।सभी विश्वविद्यालय इकाई की बैठक यथाशीघ्र किया जायगा। बैठक में उपस्थित सभी शिक्षक प्रतिनिधियों को सम्बोधित करने वालों में महासचिव डॉ संजय कुमार सिंह , विधान पार्षद , डॉ संजीव कुमार सिंह , विधान पार्षद , डॉ अरूण कुमार , महासचिव एआईफुक्टो , डॉ गुरु चरण सिहं , डॉ अमरेश शांडिल्य , डॉ अशोक कुमार सिंह प्रमुख थे।

