
RKTV NEWS/बक्सर (बिहार)13 मई।डुमराँव, बक्सर की निवासी एवं राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार डॉ. मीरा सिंह ‘मीरा’ को ‘जनहित साहित्य अकादमी सम्मान 2026’ से सम्मानित किए जाने के समाचार से बक्सर जिले के साहित्यिक एवं बौद्धिक जगत में हर्ष एवं गौरव की लहर दौड़ गई है।
आरा में आयोजित ‘हिंदी साहित्य सम्मेलन’ के दौरान ‘जनहित परिवार’, भोजपुर द्वारा डॉ. मीरा सिंह ‘मीरा’ को बाल साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय अवदान एवं नवप्रकाशित बाल कविता-संग्रह ‘बकरी अब पढ़ने चल’ के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान की घोषणा होते ही बक्सर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं संस्कृतिकर्मियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। वरिष्ठ साहित्यकारों ने कहा कि _”डॉ. मीरा जी का सम्मान बक्सर की साहित्यिक माटी का सम्मान है। ‘बकरी अब पढ़ने चल’ के माध्यम से उन्होंने समाज की नई पीढ़ी को संस्कार और भाषा से जोड़ने का अभिनव कार्य किया है।”
साहित्यकारों ने यह भी कहा कि, _”यह सम्मान न केवल मीरा जी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे बक्सर अंचल के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बाल मनोविज्ञान को समझते हुए सरल हिंदी एवं भोजपुरी में जो रचनाएँ दी हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए धरोहर हैं।
युवा महिला कवयित्रीयों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, _”मीरा दीदी हम सभी महिला रचनाकारों के लिए प्रेरणा हैं। गृहस्थी, अध्यापन और साहित्य-सृजन के बीच संतुलन साधते हुए उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह अनुकरणीय है।”
स्थानीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भी डॉ. मीरा सिंह के सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। शिक्षकों का मानना है कि ‘बकरी अब पढ़ने चल’ जैसी रचनाएँ बच्चों में पढ़ने की रुचि जगाने के साथ-साथ लोक-संस्कृति से जोड़ने का कार्य करेंगी।
उल्लेखनीय है कि डॉ. मीरा सिंह ‘मीरा’ मनोविज्ञान की प्राध्यापिका होने के साथ-साथ विगत तीन दशकों से साहित्य-सृजन में सक्रिय हैं। उनका कविता-संग्रह ‘बकरी अब पढ़ने चल’ हाल ही में लोकार्पित हुआ है, जिसे बाल पाठकों एवं समीक्षकों से व्यापक सराहना मिल रही है।
बक्सर के साहित्यकारों ने जनहित परिवार, भोजपुर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि भविष्य में भी जिले की साहित्यिक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलती रहेगी।
