पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 10 दिसंबर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 1, अणे मार्ग स्थित “संकल्प”में सात निश्चय – 2 के अंतर्गत बिहार पशु स्वास्थ्य प्रबंधन हेतू आधारभूत व्यवस्थाओं के संबंध में समीक्षात्मक बैठक की और अधिकारियों को तेजी से कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव डॉ विजयालक्ष्मी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की अद्यतन कार्य की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कृषि रोड मैप के अंतर्गत अब तक किए गए कार्य पशु जनित उत्पाद की प्रति व्यक्ति उपलब्धता और उपलब्धि, बकरी फार्म लेयर पोल्ट्री फार्म की स्थापना, देशी गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन कार्य, दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों की क्रियाशीलता, मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार पशुओं की सभी प्रकार की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। टेली मेडिसिन के माध्यम से पशु अस्पतालों को जोड़कर चिकित्सा परामर्श दिए जाने की व्यवस्था शीघ्र शुरू करायें। कॉल सेंटर एवं मोबाइल ऐप के माध्यम से इन सुविधाओं को लेकर तेजी से कम करें। आवश्यक पशु चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्साकर्मियों हेतु पद सृजित कर उनके शीघ्र बहाली करायें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 8 से 10 पंचायतों पर पशु अस्पताल की स्थापना की योजना बनाई गई है। जिन क्षेत्र में पशु अस्पतालों की स्थापना नहीं हुई है वहाॅ पशु अस्पतालों के शीघ्र स्थापना हेतु त्वरित कार्रवाई करें। पशु अस्पतालों में पशुओं के मुफ्त इलाज के साथ ही उनके लिए मुफ्त दवा की भी व्यवस्था की गई है। नीलगाय के कारण फसलों की छाती हो रही है नीलगाय को खतम करने की योजना बनाएं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में सरकार में आने के बाद से ही हम लोगों ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि को लेकर कई कार्य किए हैं। अब तक तीन कृषि रोड मैप का कार्यान्वयन हो चुका है और चौथे कृषि रोड मैप की शुरुआत की गई है। कृषि रोड मैप के क्रियान्वयन के कारण राज्य में किसानों की आमदनी बढी है। दूध, मांस, मछली और अंडा का उत्पादन बढा है। इसे और बढ़ाने के लिए तेजी से कम करें। डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार शुरू से ही प्रयासरत है और इसको लेकर हर तरह का सहयोग कर रही है। राज्य के सभी जिलों, प्रखंडों एवं पंचायतों से लेकर सभी गांवों को डेयरी कोऑपरेटिव नेटवर्क से जोड़ें ताकि लोगों को रोजगार भी मिले और उनकी आमदनी भी बढे। देशी गायों के नस्ल को बढ़ावा देने की जरूरत है, इस पर विशेष ध्यान दें।
बैठक में वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मो अफाक आलम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार एवं डॉ एस सिद्धार्थ, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की प्रधान सचिव डॉ एन विजया लक्ष्मी मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, सचिव वित्त (व्यय) लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, निदेशक पशुपालन नवदीप शुक्ला सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

