
नारनौल/हरियाणा 06 दिसंबर। भूकंप जैसी आपदा आने पर हम कितने तैयार हैं, इसी बात की तस्दीक करने के लिए आज लघु सचिवालय में जिला प्रशासन ने मॉक ड्रिल की। इससे पहले उपायुक्त मोनिका गुप्ता (आईएएस) ने सभी अधिकारियों को टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। इस मौके पर एनडीआरएफ की तरफ से पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन दी गई।
डीसी ने कहा कि किसी भी आपदा के दौरान सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी व काम का स्पष्ट ज्ञान होना चाहिए ताकि रिस्पांस टाइम कम से कम लगे।
मॉक ड्रिल के दौरान लगभग 2:20 बजे लघु सचिवालय में चेतावनी का सायरन बजा। इसके साथ ही रिक्टर पैमाने पर 6.6 की तीव्रता के भूकंप की कल्पना करते हुए मॉक ड्रिल शुरू हुई। सबसे पहले भवन में फंसे नागरिकों को स्थानीय स्तर पर मौजूद संसाधनों से बाहर निकलने का काम किया और उसके बाद निर्धारित किए गए रेस्क्यू एरिया में रेड क्रॉस के वालंटियर व चिकित्सा टीम ने फर्स्ट एड देते हुए पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया। इसी दौरान एनडीआरएफ की टीम पहुंची तथा राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई। यहां पर कमांड पोस्ट, कम्युनिकेशन पोस्ट मेडिकल पोस्ट और एनडीआरएफ स्टोर स्थापित किया गया था। एनडीआरएफ टीम ने सीढी व रस्सी के जरिए पीड़ितों को बाहर निकाला। हरियाणा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की ओर से फायर ब्रिगेड टीम ने तुरंत आग पर काबू पाया।

इस दौरान अधिकारियों ने अपनी अपनी जिम्मेदारियां को अच्छी तरह से समझा।
इस मौके पर एसडीएम महेंद्रगढ़ हर्षित कुमार (आईएस), एसडीम नारनौल मनोज कुमार, एसडीएम कनीना सुरेंद्र कुमार, डीएसपी जितेंद्र कुमार, नगराधीश डा मंगल सेन, जिला राजस्व अधिकारी सुशील शर्मा, असिस्टेंट कमांडेंट एनडीआरएफ देवेंद्र, इंस्पेक्टर राहुल और अंकित के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

