आरा/भोजपुर 22 नवंबर। कलाप्रेमी व राजद की वरिष्ठ नेत्री सह पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं आरा की पूर्व सांसद डॉ कांती सिंह ने आज स्थानीय नागरिक प्रचारिणी सभागार में राजद के अतिपिछड़ा सामाजिक जागरूकता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जहां अतिपिछड़ों को बताया की जातीय जनगणना की रिपोर्ट बिहार में आने के बाद पिछड़ी जाति कितनी लाभान्वित होगी और उनका आर्थिक ,सामाजिक महत्व जो बढ़ेगा इसे पार्टी के शीर्ष व स्थानीय राजद के नेताओं को उनके बीच जाकर बताना चाहिए।जिस तरह मंडल कमीशन को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने लागू कराया उसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के साथ मिलकर जातीय जनगणना कराया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ कांती सिंह ने इस सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में कहा की लोक कलाकार स्व भिखारी ठाकुर के सहयोगी रहें रामाज्ञा राम की मृत्यु 116 वर्ष की अवस्था में 5 दिन पूर्व हुई है जिनके प्रति इस सम्मेलन में हमलोग उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। उन्होंने कहा की वो अद्वितीय कलाकार थे।
सम्मेलन की अध्यक्षता एवं संचालन राजद के अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बिनोद चंद्रवंशी ने किया।
सम्मेलन को राजद के बिहार उपाध्यक्ष और समाजवादी चिंतक शिवानंद तिवारी ने अपने संबोधन में जातीय जनगणना को बिहार की जनता के हित में बताते हुए विस्तृत जानकारी लोगो को दी पर सम्मेलन में कम उपस्तिथि पर चिंता जाहिर करते हुए कहा की हमें संगठित और सक्रिय होना होगा कभी लालू प्रसाद यादव ने अति पिछड़ों को सम्मान दिलाया था और तेजस्वी यादव उसी राह पर चल रहें हैं।
पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग की मंत्री अनिता देवी ने अपने संबोधन में बताया की कैसे भाजपाई जातीय जनगणना का विरोध कर रहे हैं इसे आप सभी को समझना चाहिए लालू जी और तेजस्वी जी ने जो सम्मान समाज को दिया वैसा कही नही मिला।सरकार की लाभकारी योजनाओं की जानकारी भी आपलोगो तक जानी चाहिए।
सम्मेलन को जगदीशपुर के विधायक राम बिशुन लोहिया ,संदेश के पूर्व विधायक अरुण यादव,आरा के पूर्व विधायक नवाज आलम,जिला अध्यक्ष बीरबल यादव समेत अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार सहनी, सहित दर्जनों स्थानीय नेताओं ने अपनी अपनी बातें रखी।सम्मेलन के दौरान आरा के नोटरी सह अधिवक्ता अजीत रंजन ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन इन नेताओं को सौंपा।

