आरा/भोजपुर 09 नवंबर।लीजेंड बक्शी कुलदीप नारायण सिन्हा मेमोरियल कल्चरल सोसायटी के तत्वाधान में आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम गुरुवासरे संगीत सभा का उद्घाटन विदुषी बिमला देवी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। स्थानीय महाजन टोली स्थित ठाकुरबाड़ी प्रांगण में संगीत सभा को संबोधित करते हुये संगीत विदुषी बिमला देवी ने कहा कि शास्त्रीय संगीत के सभी बंदिशों में ईश्वर का गुणगान है। राग संगीत गायन का महत्व मंत्रों के उच्चारण के समतुल्य है। सुरों में डूबना एक ध्यान है जिसके चरमोत्कर्ष पर ब्रम्ह के स्वरूप का दर्शन संभव है। इस् अवसर पर जिले के मशहूर ख्याल गायक महेश यादव ने राग मारवा में विलंबित ख्याल, तीनताल में लयबद्ध छोटा ख्याल की बंदिश “गुरु बिन ज्ञान न पावें मन मूर्ख पछताए” खमाज की ठुमरी व भजन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महेश जी के गले की तैयारी, दानेदार तान व स्वरों के माधुर्य ने श्रोताओं को खासा प्रभावित किया।
हारमोनियम पर सुमित सोनी व तबले पर गुरु बक्शी विकास ने बखूबी संगत किया। मंच संचालन शंभू शरण ओझा व धन्यवाद ज्ञापन नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव ने किया। ने किया। इस अवसर पर संगीतज्ञ प्रोफेसर विश्वनाथ राय, कवियित्री डॉ. किरण कुमारी, दिनेश्वर प्रसाद , राणा प्रताप सिन्हा , कथक नर्तक अमित कुमार, गुरु बक्शी विकास , शास्त्रीय गायक महेश यादव रवि शंकर, स्नेहा पाण्डेय, संरक्षक सुशील कुमार ‘देहाती’, श्रेया पाण्डेय, आदित्य कुमार, मनीष कुमार सिंह समेत कई संगीत रसिक व प्रशिक्षु उपस्थित थे।

