शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 29 अक्टूबर। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 67वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में भोजपुर जिले के शाहपुर की सौम्या पांडे ने 114वां रैंक हासिल किया है। सौम्या पांडे की शुरुआती शिक्षा दीक्षा शाहपुर प्रखंड के सेमरिया गाँव में हुई। सौम्या ने उच्च शिक्षा वाराणसी और दिल्ली में रहकर प्राप्त की। उसने बीटेक भी किया है। सौम्या ने 2014 में तैयारी शुरू की थी। 9 साल बाद 2023 में उसे सफलता मिली 114वां रैंक के रूप में। सौम्या को 2022 में मुख्य परीक्षा में सफलता मिली थी लेकिन साक्षात्कार में सफल नहीं हो पाई। अपनी लगन और मेहनत के बल पर सौम्या ने 2023 में अपना मुकाम हासिल कर लिया। फिलहाल सौम्या दिल्ली स्थित इंटर कॉलेज में लेक्चरर के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा आईएएस और पीसीएस के कोचिंग में पढाती हैं।

सौम्या पांडे का बचपन शाहपुर के सेमरिया ओझापट्टी गांव में बीता है। ग्रामीण परिवेश में रहकर भी अपनी मेहनत,लगन और इच्छा शक्ति के बदौलत सौम्या ने बीपीएससी परीक्षा में सम्मानजनक स्थान हासिल किया। सौम्या ने अपने ननिहाल सेमरिया ओझापट्टी में रहकर शुरुआती शिक्षा ग्रहण की। सौम्या की मां राजमणी देवी पारिवारिक कारणों से अपने ससुराल से मैके सेमरिया आकर रहने लगीं। राजमणी देवी आंगनबाड़ी सेमरिया शाहपुर कोड संख्या 3 में सेविका के पद पर कार्यरत हैं। सौम्या के नाना स्व ललन जी ओझा पहरपुर उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक थे। सौम्या ने नाना के घर पर रहकर ही पढ़ाई लिखाई शुरू की। सौम्या का सेलेक्शन यूनियन बैंक मे भी हुआ था पर उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। सौम्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता राजमणी देवी, मामा अधिवक्ता अशोक ओझा एवं अनिल ओझा को दिया है। सौम्या की इस सफलता से सेमरिया में खुशी का माहौल है। बेटी की सफलता से सभी खुश हैं। बिटिया की सफलता पर लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
