आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 अक्टूबर।लोक चेतना मंच के तत्वावधान में महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की 62 वी पुण्यतिथि पर श्रद्धा पूर्वक याद किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो बलिराज ठाकुर ने की।
अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बलिराज ठाकुर ने कहा कि निराला क्रांति के कवि हैं,उनका लक्ष्य भारत को विदेशी पराधीनता से मुक्ता करना ही नहीं,जनता के सामाजिक जीवन में मौलिक परिवर्तन करना भी है ।करूणा-क्रंदन को रोकना,बंधनों को ढीला करना सामाजिक क्रांति का उद्देश्य रहा।संकीर्ण राष्ट्रवादी न होकर, जाति,रंग,भाषा से परे थे ।निराला के साहित्य में कविता और क्रांति का गहरा संबंध है।कम पढ़े लिखे लोगों में राजनीतिक चेतना निखारना कर्तव्य समझते थे।
प्रोफ़ेसर दिवाकर पांडेय ने कहा कि निराला के भक्ति काव्य की यह विशेषता है कि उसमें जितनी उनकी दृष्टि करूणामय पर लगी है,उतनी ही करूणा के पात्रों पर । उपस्तिथ लोगों में शिवदास सिंह,डॉ सुमन कुमारी,डॉ सत्यनारायण उपाध्याय,डॉ रवींद्र कुमार ठाकुर ,जनार्दन मिश्र और पिंटू सिंह रहे।
संचालन डॉ बबन सिंह और धन्यवाद ज्ञापन अमिताभ ठाकुर ने किया।
