आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)15 अक्टूबर। कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर आरा के मुख्य सभागार में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के हेड डॉक्टर प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि विश्व में कृषि की शुरुआत महिलाओं के द्वारा की गई थी। प्राचीन काल में जब पुरुष शिकार पर जाते थे तब महिलाओं ने कृषि में अलग-अलग प्रयोग कर इसका शुरुआत की गई ।अभी कृषि में लगभग 65 से 68% कार्यो में महिलाओं की ही भागीदारी है ।
स्वामी दयानंद सरस्वती मानव कल्याण एवं विकास संस्थान भोजपुर के सचिव मोहम्मद इदरीस अंसारी ने बताया की महिला सशक्तिकरण के लिए कोईलवर क्षेत्र में शुरू किए गए हैं जिससे कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं ।
संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद जैनुल ने कहा कि आज समाज में महिलाओं और पुरुषों दोनों को बराबर का हक है।
सुप्रिया वर्मा कृषि वैज्ञानिक ने महिलाओं को सशक्त होने के लिए मशरूम एवं अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने की सलाह दी। नरेंद्र कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया की बहुत कम पूंजी से भी इस कार्यक्रम की शुरुआत की जा सकती है और इसके बाजार की आज कोई कमी नहीं रह गई है
डॉक्टर द्विवेदी ने स्वच्छता पर जानकारी देते हुए कहा कि खेतों में पुआल को जलाना अपने पर्यावरण और अपने खेती दोनों के लिए नुकसानदेह है इससे बेहतर है कि इसको कंपोस्ट में बदलने से कम 40% खाद की बचत होगी। इस अवसर पर 78 महिलाओं ने भाग लिया और अलग-अलग श्रेणियां में सभी को सम्मानित किया गया एवं पुरस्कार प्रदान किया गया।
