आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 10 अक्टूबर।आज 10 अक्टूबर को धरने के चौथे दिन विश्वविद्यालय मुख्यालय पर शिक्षकेत्तर कर्मचारी अपने मांगों के समर्थन में असहयोग करते हुए विश्वविद्यालय कैंपस में एकजुटता प्रदर्शित करते हुए विरोध जताया।
विश्वविद्यालय स्वायतता पर हो रहे लगातार कुठाराघात से सभी कर्मचारी क्षुब्ध है। इन सबों का मानना है कि राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग पहले ही से कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रहा है उसमें विश्वविद्यालय की भी अहम भूमिका है बावजूद इसके कुलपति पर प्राथमिकी दर्ज करने कि घोर भर्त्सना की गई।
वही वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष चितरंजन प्रसाद सिंह ने बतलाया महासंघ द्वारा विश्वविद्यालय में कई समझौते पर सहमति बनाई थी और लिखित समझौता 14.1.21को हुआ था। जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन मौन होकर चुपचाप बैठा है। जिसे समझते को वर्षों पूर्व लागू हो जाना चाहिए था वह आज तक अधर में लटका है। वेतन सत्यापन कोषांग के द्वारा वेतन विसंगतियां , 3 माह से पेंशन नहीं मिलना, वर्षों से लंबित प्रोन्नति, ACP, MACP, का निर्धारण एवं पूर्व से लंबित मांगों तथा पूर्व में माननीय कुलपति से13 सूत्री मांगों पर हुए समझौता का क्रियान्वयन दो माह में करना था जो आज तक नहीं किया गया है।
समर्थन करनेवाले विभागाध्यक्ष डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ धीरेंद्र सिंह, प्रो भरत चौबे, राधा रमण ,छात्र नेता छोटू सिंह,चंदन तिवारी,एवं युवा नेता अमित सम्राट,अनिरुद्ध सिंह पूर्व सीनेट सदस्य अजय कुमार तिवारी उर्फ मुनमुन जी के द्वारा समर्थन दिया गकर्मचारियों में पवन ओझा,सुमन झा,मनोज श्रीवास्तव, जयबीर जी, अभिजीत कुमार,अभिमन्यु सिंह,राजीव रंजन,राजीव कुमार, तुलसी सिंह ,तनवीर हैदर,शेखर कुमार,जयेश रंजन,मारूत नंदन,सतीश कुमार, सुरेश पासवान,शैलेंद्र सिंह,पुष्पेंद्र सिंह,अशोक कुमार,सुखदेव,सतेंद्र कुमार, मनोज कुमार,बबिता,मंजू, निभा,रजनी पांडेय ,सपना एवं अमीरुद्दीन,मुमताज, अवधेश जी, आदि शैकरों कर्मचारी शामिल हुए।
