बागपत/उत्तर प्रदेश 10 अक्टूबर।विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह व विधायक योगेश धामा ने “विशाल मानसिक स्वास्थ्य शिविर” का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी ने कहा व्यक्ति प्रतिदिन की क्रिया प्रतिक्रियाओं को अपने ऊपर हावी न होने दे मस्ती से खुश होकर कार्य करें व्यक्ति मानसिक बीमारी में खाली दबा से ही ठीक नहीं हो सकता अगर काउंसलिंग से भी ठीक हो सकता है, इसे बचने के लिए और मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए योग, ध्यान, अध्यात्म और कई तरह के अलग-अलग तरीकों को लोग अपने जीवन में उतार रहे हैं।
छोटी-छोटी बातों को अपने जीवन में समय-समय पर ना सोचे और ना उलझे तनाव किसी भी समस्या का हल नहीं होता बल्कि कई अन्य समस्याओं का जन्मदाता होता है।
उन्होंने कहा सरकारी अधिकारी के पास कोई व्यक्ति आए तो उसे ऐसी तरीके से सुना जाए उसे ऐसा लगे कि मेरे साथ बेहतर तरीके से व्यवहार किया जा रहा और मेरी समस्या को भी गंभीरता के सुना जा रहा है ।
तनावग्रस्त जीवनशैली में बिगड़ने मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसके प्रति जागरूकता पैदा करने और इससे बचने के उपायों पर विचार करने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्टूबर को पूरे विश्व में ”विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस या मानसिक दिवस” के रूप में मनाया जाता है ,इसका जनपद मैं कैंपेन भी चलाया जाएगा।
बागपत विधायक योगेश धामा ने कहा भाग दौड़ भरी वर्तमान जीवनशैली में सबसे बड़ी और लगातार उभरती हुई समस्या है मानसिक तनाव। हर किसी के जीवन में स्थाई रूप से अपने पैर पसार चुका तनाव, व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है।
सामाजिक दायरे में और सामाजिक सद्भाव से कार्य करने वाला व्यक्ति खुश रह सकता है हमें अपने बेसिक में सुधार लाने की आवश्यकता जीवन में व्यायाम योग करने से हमें परिवर्तन ला सकते हैं समाज से जुड़े रहें एक दूसरे के सुख दुख में सम्मिलित हो अपनी सांस्कृतिक से जुड़े रहे योग व्ययाम करें हम अपने आप को अच्छा और खुशहाल महसूस करेंगे अकेले होने पर व्यक्ति तनाव में आ जाता है इसे अपने ऊपर कभी हावी न होने दे।
मनोचिकित्सक डॉक्टर अजय कुमार द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र पर उपस्थित जन समूह और विभागीय कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के मानसिक रोग के बारे मे विस्तार से बताया गया, बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं जैसे अनिद्रा, अवसाद,बेहोशी के दौरें आना, चक्कर आना,बुद्धि का कम विकास होना,भेद भाव, सिर मे दर्द, माइग्रेन, चिंता, घबराहट, झाड.फूक,उपरी साया का प्रभाव,तनाव प्रबंधन,सुसाइड प्रिवेंशन आदि विषय पर चर्चा किया गया और लोगो को बताया गया बिना किसी झिझक के इलाज कराने और समाज मे व्याप्त भ्रांति को समाप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। मनोचिकित्सक ने बताया कि किसी भी मानसिक समस्या के लिए टोल फ्री टेली मानस हेल्प लाइन नंबर 14416 पर संपर्क करने की सलाह दी और जिला चिकित्सालय की ओपीडी कमरा नंबर 9 सोमवार बुधवार शुक्रवार में आकर संपर्क कर सकते हैं | शिविर में कुल 118 मरीज का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिसमें से मानसिक रोगी के 46 मरीज पाए गए जिन्हें उचित मेडिसिन दे कर जिला अस्पताल की ओपीडी में आने की सलाह दी गई!
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महावीर कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉक्टर विभास राजपूत, नोडल अधिकारी डॉ अजेंद्र मलिक सहित आदि उपस्थित रहे।
