
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)7 अक्टूबर। सीनेट सदस्य प्रोफेसर बलिराज ठाकुर एवं राज्यपाल द्वारा नामित सीनेट सदस्य संतोष तिवारी ने कुलपति डॉक्टर शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने पर शिक्षा विभाग के इस कदम को शरारतपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह प्राथमिकी शीघ्र वापस ली जाए। विदित है कि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डॉक्टर के.के.पाठक के दुर्भावनापूर्ण आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। डॉक्टर के. के. पाठक ने अपनी सीमा के विरुद्ध यह कदम उठाया है। सीनेट सदस्यों ने कहा है कि बिहार विश्वविद्यालय में कथित वितीय अनियमितता से कुलपति डॉक्टर चतुर्वेदी का कोई संबंध नहीं है। बयान में कहां गया है कि एक प्रतिष्ठित कुलपति पद पर काम कर रहे डॉक्टर चतुर्वेदी के सम्मान के खिलाफ हुई दुर्भावनापूर्ण प्राथमिकी से शिक्षा–जगत हतप्रभ है। नेता द्व्य ने माननीय राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि ऐसी स्थिति में वे विश्वविद्यालयों में अराजक स्थिति उत्पन्न होने से बचाने के लिए शिक्षा विभाग को अतिशीघ्र निर्देश देने की कृपा करें। डॉक्टर के.के.पाठक अति उत्साह में जो कुछ कर रहे हैं वह निंदनीय है।
