आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 4 अक्टूबर। आज स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।आयोजन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कॉमर्स विभाग के सेमिनार हॉल में रिसर्च मेथाडोलॉजी विषय पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो रणविजय कुमार,पीजी विभागाध्यक्ष प्रो लतिका वर्मा साहित अन्य द्वारा सामूहिक द्वीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो लतिका वर्मा द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया।
डॉक्टर के के सिंह ने उपस्थित शोधार्थियों को शोध के चयन और भाषा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि रिसर्च को गंभीरता से लेनी चाहिए। रिसर्च मेरिट का एक मानक पुस्तक होता है जिसे वर्षों तक याद किया जाता है।
कुलसचिव प्रो रणविजय कुमार ने मनोविज्ञान के महत्ता और व्यापकता पर अपने विचार को अपने अंदाज में जीवंतता से रखा। उपस्थित शिक्षाविद और शोधार्थियों को बताया की मनोविज्ञान एक सरस, प्रिय और सर्व उपयोगी विषय है जिससे मनुष्य के जीवन वृत्त को भी मनोवैज्ञानिक जान लेते हैं।मनोविज्ञान जीवन जीने की कला सीखाती है।
रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉक्टर प्रतिभा सिंह ने शोध में नैतिकता और प्लेगिरिज्म के सभी आयामों को बड़े ही सरल शब्दों से विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया।
दूसरे साइंटिफिक सेशन की रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉक्टर अंजना श्रीवास्तव ने शोध के विविध पक्षों को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया। रिसर्च डिजाइन आदि के बारे में बताया ।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर असलम प्रवेश ने किया। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ शिव परसन सिंह,डॉक्टर संगीता सिन्हा, डॉ मंजू सिंह, डॉक्टर लाल बाबू सिंह, डॉक्टर अजय कुमार, डॉक्टर निहारिका सिंह, डॉक्टर संतोष कुमार, डॉ रविंद्र कुमार डॉक्टर, संजय कुमार, डॉक्टर अंजली गुप्ता ,डॉ यासमीन कौसर ,डॉक्टर के सी चौधरी, डॉक्टर सादिया हबीब उपस्थित थे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर प्रियंका पाठक डॉक्टर संतोष कुमार एवं डॉक्टर सादिया हबीब द्वारा किया गया।
previous post
