पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना के गांधी संग्रहालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुये। कार्यक्रम की शुरुआत मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बापू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कलाकारों ने बापू के प्रिय भजन “वैष्णव जन तो तेनो कहिये जे पीर पराई जाने रे” एवं “रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम” का गायन किया। गांधी संग्रहालय, पटना के सचिव आसिफ वसी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बापू के जन्मदिवस के अवसर पर यहां आयोजित कार्यक्रम में मुझे आने का अवसर मिला है। आप सब भी यहाँ उपस्थित हुए हैं। यहां आकर मुझे बेहद खुशी होती है। उन्होंने सभी को बधाई दिया। उन्होंने कहा कि गांधी संग्रहालय परिसर के विकास के लिए काफी अच्छा और बेहतर ढंग से काम किया गया है। आज भी हमने यहां कुछ सुझाव दिया है ताकि पटना का यह बापू संग्रहालय और बेहतरीन हो सके। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को हम तो बापू ही कहते हैं। उनके द्वारा बताई गई हर बात को न सिर्फ याद रखना है बल्कि ज्यादा से ज्यादा नई पीढ़ी के लोगों को बापू के विचारों से अवगत कराना है और यह काम हम लोग कर भी रहे हैं। बिहार में प्रारंभ से ही हम लोग बापू के विचारों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि गांधी संग्रहालय के बगल में ही 5000 क्षमता वाले बापू सभागार का निर्माण कराया गया है। देश में इतना बड़ा सभागार कहीं नहीं है। पटना में बापू टावर का भी निर्माण कराया जा रहा है। आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बिहार में बापू के द्वारा वर्ष 1917 में किए गए चंपारण सत्याग्रह के 30 वर्ष के अंदर ही देश को आजादी मिल गई। हम लोगों ने चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूरा होने पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कराया। उन्होंने कहा कि गांधी संग्रहालय पटना के पूर्व सचिव रजी अहमद जी से हमारा पुराना संबंध है। अब इनके सुपुत्र यहाॅ का काम देख रहे हैं। यहाॅ आगे भी ठीक ढंग से कम होता रहे, इसका विशेष रूप से ख्याल रखना है। हिंदू, मुस्लिम सहित अन्य सभी धर्मों के लोग बापू के बताये विचारों को याद रखें, यही हमारा आप सभी से आग्रह है।
इस अवसर पर बिहार विधान परिषद के उप सभापति रामचंद्र पूर्वे, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, विधान पार्षद रामबचन राय, संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, गांधी संग्रहालय पटना के पूर्व सचिव रजी अहमद, बिहार राज्य नागरिक परिषद के पूर्व महासचिव अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, आयुक्त पटना प्रमंडल कुमार रवि, जिलाधिकारी पटना चंद्रशेखर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, वरीय अधिकारी, गांधीवादी विचारक एवं बापू के अनुयायी उपस्थित थे।
