
बलिया/ उत्तरप्रदेश 25 सितंबर।पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी, शिलांग द्वारा आयोजित लेखक मिलन शिविर और सम्मान समारोह, जनकपुर नेपाल में प्रख्यात साहित्यकार डॉ० आदित्य कुमार अंशु को महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान, अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए डॉ आदित्य कुमार अंशु ने एनएसटीसीएस की इस अवसर पर भारत- नेपाल के लगभग सैकड़ों विद्वान उपस्थित थे। अकादमी के सचिव डॉ० अकेलाभाई के निवेदन पर सभी विद्वान तीन दिन तक राज दरबार होटल और बाबा के ढाबा होटल में ठहरे थे। इस अवसर पर डॉ० रामसेवक विकल जी की पुस्तक “गीता” के साथ ग्यारह अन्य पुस्तकों का विमोचन विदेश की धरती पर हुआ । इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के एक सत्र की अध्यक्षता डॉ० भोला प्रसाद आग्नेय और संचालन डॉ० आदित्य कुमार अंशु के द्वारा किया गया। दूसरे दिन भारत – नेपाल मैत्री संबंधों को प्रगाढ़ बनाने हेतु प्रेम और सद्भावना विषय पर डॉ० आदित्य कुमार अंशु सहित दर्जनों विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किये । इसी दिन डॉ० अंशु ने कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कवि सम्मेलन में बलिया जनपद के डा० भोलाप्रसाद आग्नेय , डॉ० फतेहचन्द्र बेचैन,पवन कुमार तिवारी और डॉ० आदित्य कुमार अंशु ने बलिया का झण्डा नेपाल में गाड़ दिया। कार्यक्रम के तीसरे दिन नेपाल के जलेसर के मेयर सुरेश साह सुनार ने सभी विद्वानो को जलेसर महादेव मंदिर पर स्वागत करके अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। उसी दिन नेपाल के प्रसिद्ध संस्कृत विद्यालय मटियानी में सभी विद्वानों से वहाँ के संस्कृत आचार्यों द्वारा भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया। तत्पश्चात बटुकों ने वेद-मंत्रोच्चार से सबका सम्मान किया। वहाँ वरिष्ठ पंडित जी ने सभी को रुद्राक्ष की माला,चन्दन टीका लगाकर सम्मानित किया। तत्पश्चात् अजय झा के कठिन मेहनत से सभी विद्वानों को नारायणी मंदिर पर अंगवस्त्रम एवं पुष्पमाला से सम्मानित किया गया । भारत – नेपाल के संबंधों को सफल बनाने के क्रम में यह सुंदर प्रयास है।
