
नारनौल/महेन्द्रगढ़ 31 अगस्त। सुपोषित भारत, साक्षर भारत व सशक्त भारत थीम पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 1 से 30 सितंबर तक 6 वां राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जाएगा। इस बार इस अभियान को “महिला और स्वास्थ्य” एवं “बच्चे और शिक्षा” विषय पर केंद्रित किया गया है।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त मोनिका गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा सुपोषित भारत के परिकल्पना को पूर्ण करने के लिए समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं अभियानों का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय पोषण माह 2023 के तहत छः वर्ष से काम आयु के बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पोषण संबंधी परिणामों में सुधार के लिए उचित कार्य किए जाएंगे। इस वर्ष सरकार ने 6वां राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से देश की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने एवं ग्राम पंचायतों को पोषण पंचायतों के तौर पर शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिए संबंधित मंत्रालय द्वारा ग्राम पंचायत स्तर तक कार्यक्रमों की श्रंखला भी तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि इन श्रंखलाओं के तहत पंचायत स्तर पर स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं द्वारा जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
डीसी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को वर्षा जल संचयन के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस अभियान के तहत पोषण पंचायत समितियां आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं एएनएम नर्सों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, राज्य स्तरीय गतिविधियों के तहत सरकार द्वारा पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों की अम्मा की रसोई भी संचालित किए जाने की योजना बनाई गई है।
