हनुमानगढ़/राजस्थान 30 अगस्त। उत्तरी भारत के सबसे बड़े सांप्रदायिक सौहार्द के गोगामेड़ी मेले का बुधवार को विधिवत् पूजा अर्चना तथा झंडारोहण के साथ शुभारंभ किया गया। कोरोना तथा लंपी डिजीज के कारण पिछले वर्षों में गोगामेड़ी में पशु मेला आयोजित नहीं किया गया था, इस बार पशु मेले का भी शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर देवस्थान विभाग और पशुपालन विभाग ने संयुक्त रूप से गोगामेड़ी मेले का उद्घाटन समारोह गोगामेड़ी में आयोजित किया।
भादरा विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि गोगामेड़ी मेले की पहले छवि बेहतर नहीं थी। प्रशासन और देवस्थान विभाग की तारीफ करते हुए विधायक ने कहा कि मेले को ऑनलाइन करने का बड़ा कार्य किया गया है। 2018 में दुकानों की नीलामी से 1.75 करोड़ का राजस्व मिला था, जो की 2023 में बढ़कर 5.25 करोड़ हो गया है। देवस्थान विभाग द्वारा दुकानों की नीलामी ऑनलाइन करने से लोगों द्वारा कब्जा करने, भाई भतीजावाद तथा वसूली के धंधे बंद हो गए है। मेले के लिए अभी राज्य सरकार ने 8.50 करोड रुपए का बजट स्वीकृत किया है, जिससे मेले में स्थाई बैरिकेडिंग बनेगी, बैरिकेडिंग के ऊपर शेड बनेगी, टेंट लगाने की आवश्यकता नहीं रहेगी तथा इंटरलोक से सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। 2 वर्ष बाद गोगामेड़ी मेला साफ सुथरा व सभी सुविधाओं से युक्त होगा। विधायक ने गोगाना की तरफ भी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की जरूरत बताई। आने वाले वक्त में इस लक्खी मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ आएगी। पिछले वर्ष मेले में 26 लाख श्रद्धालु आए थे, इस वर्ष 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
गोगाजी कहीं से भी आए उनके घोड़े की टाप सुनाई देगी, चारों तरफ ऐसी चिकनी सड़के बनाई गई है- विधायक पुनिया
विधायक ने कहा कि गोगाजी कहीं से भी आए उनके घोड़े की टाप सुनाई देगी, चारों तरफ ऐसी चिकनी सड़के बनाई गई है। गोगामेड़ी से ददरेवा के लिए अब सीधी सड़क है, आसपास के गांवों को भी गोगामेड़ी के साथ सड़कों से जोड़ा गया है। मेले में साफ सुथरा और स्वच्छ पानी सप्लाई हो रहा है, मेले को तभी सफल मानूंगा, जब एक भी व्यक्ति तथा पशु की मौत मेले में ना हो, पिछले वर्ष भी लाइन में एक भी व्यक्ति कि मौत नहीं हुई थी। पिछली बार भी पुलिस की व्यवस्थाए बेहतरीन थी, इस बार भी बेहतरीन व्यवस्था होगी ऐसी उम्मीद है ।
नोहर प्रधान सोहन ढिल ने कहा कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रशासन ने पुख्ता इंतजामात किए है। हर वर्ष सुधार का प्रयास रहता है, साफ सफाई की तरफ ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है तथा सभी व्यवस्थाओं को माकूल किया गया है। पानी, बिजली, साफ़ सफाई की व्यवस्था पर और ध्यान दिया जाए और जब तक यहां के निवासी सहयोग नहीं करेंगे तब तक व्यवस्थाएं सुचारू नहीं हो सकती, इसलिए प्रशासन का सहयोग करें।
व्यवस्थाए बनाने में प्रशासन का करें सहयोग-एडीएम
नोहर एडीएम चंचल वर्मा ने कहा कि मेले में हर वर्ष सुधार हो रहा है, जनप्रतिनिधि भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहे है। बिजली, पानी, साफ सफाई के लिए बेहतरीन व्यवस्थाए की गई है। बिना भेदभाव व जात-पात के इस मेले में सभी श्रद्धालु दर्शन करें। श्रद्धालुओं से आग्रह है की व्यवस्थाओं को बनाने में प्रशासन का सहयोग करे। साफ सफाई बनाए रखें तथा लाइन बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
मेले को चार सेक्टर में विभाजित कर प्रभारी अधिकारी किए नियुक्त
नोहर एसडीएम सत्यनारायण सुथार ने कहा कि उत्तर भारत के सबसे बड़े सांप्रदायिक सद्भाव के मेले के लिए सभी कर्मचारी मुस्तैदी से कार्य करे, हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो। मेले क्षेत्र को चार सेक्टर में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक सेक्टर के लिए एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गए है। प्रभारी अधिकारियों की सहायता के लिए कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। दुकानों के लिए ऑनलाइन ही नीलामी की गई है तथा बैरिकेडिंग की बेहतरीन व्यवस्था की गई है। हमारा उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालु खुश होकर मेले से जाए ।
इस अवसर पर भादरा विधायक बलवान पुनिया, नोहर एडीएम चंचल वर्मा, नोहर पंचायत समिति प्रधान सोहन ढील, मंगेज चौधरी, नोहर एसडीएम सत्यनारायण सुथार, भादरा एसडीएम शकुंतला चौधरी, नोहर एडिशनल एसपी सुरेश जांगिड़, पशुपालन विभाग संयुक्त निदेशक डॉ सुचिता चटर्जी, गोगामेडी सरपंच महंत रुपनाथ, देवस्थान विभाग सहायक आयुक्त गिरीश कुमार सहित मेले में नियुक्त कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहें।

