
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 18 अगस्त।बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के एसीएस द्वारा बिना किसी अधिकार के कुलपतियों को तलब किया जा रहा है जो काफी अपमानजनक है।यह कुलाधिपति के कार्यालय की घोर उपेक्षा है ,विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में निरंतर हस्तक्षेप है।इस पर फुटाब के अध्यक्ष डा कन्हैया बहादुर ने एक पत्र कुलाधिपति को लिखा है।इसकी जानकारी देते हुए प्रो सिन्हा ने बताया की एसीएस द्वारा बैठक बुलायी गयी थी जिसमे बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के वीसी डॉ शैलेन्द्र कुमार चतुर्वेदी और प्रोवीसी प्रो रविन्द्र कुमार उपस्थित नहीं हुए ।जिसके कारण वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया। इन्होंने बताया की
वीसी सर्वोच्च शैक्षणिक पद पर होता है और प्रोटोकॉल के अनुसार केवल तीन प्राधिकारी जिसमें चांसलर, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ही उसे बुला सकते हैं। वर्तमान में कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के भी कुलपति है।
यह सही समय है जब मुख्यमंत्री , कुलाधिपति कार्यालय और राज्य शिक्षा विभाग के बीच एक सीमा रेखा होनी चाहिए।
शैक्षणिक और प्रशासनिक कामकाज में सुधार सभी की चिंता है,जो अधिनियम और क़ानून के प्रावधानों अनुसार चलाना होगा निर्देशित प्रणाली को ध्वस्त करना तानाशाही का प्रतीक है।फुटाब नौकरशाही द्वारा पद के इस तरह के ज़बरदस्त दुरुपयोग की कड़ी निंदा करता है।
