आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 28 जुलाई।स्वास्थ्य विभाग सदर अस्पताल आरा में आज अंतर्राष्ट्रीय हेपेटाइटिस दिवस पर आम लोगों को जानकारी देने के उद्देश्य से गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम एसीएमओ ऑफिस सदर अस्पताल आरा कैंपस में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एव वक्ता के रूप में एसीएमओ डॉ के एन सिन्हा उपस्थित रहे।एसीएमओ सह प्रभारी वेक्टर बोर्न डिजीज पदाधिकारी डॉ के न सिन्हा ने सभी उपस्थित कर्मचारियों एवं जनता के बीच हेपिटाइटिस के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि हेपेटाइटिस एक वायरल बीमारी है ,जो 5 तरह के वायरस से होता है ,ए बी सी डी तथा ई। यह बीमारी का प्रमुख क्षेत्र लीवर है जहां पर यह प्रभाव डालता है और लीवर को खराब कर देता है। हेपेटाइटिस बी और सी ज्यादा खतरनाक है ,जो लीवर को खराब करते हुए जौंडिस ,सिरोसिस, लीवर फेलियर और लिवर कैंसर तक अपना घर कर लेता है और अंततः कर जानलेवा हो सकता है।विश्व में हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रसित करीब 13 लाख लोग हैं ।यह हेपेटाइटिस बीमारी असुरक्षित ब्लड डोनेशन से ,ड्रग एडिक्ट के इंजेक्शन लेने से, टैटूइंग कराने पर ,संक्रमित सिरिंज से सुई लेने पर ,कभी-कभी सैलून से, असुरक्षित यौन संपर्क से भी इन्फेक्शन हो जाता है। दूषित भोजन और दुषित पानी का उपयोग न करें।आज पूरे विश्व में 28 जुलाई को हम लोग हेपेटाइटिस दिवस मना कर लोगों को इसके प्रति जागरूक करते हैं। डॉ सिन्हा ने कहा कि सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज है। ।इसके वैक्सीन उपलब्ध हैं जो वायरल डिजीज से राहत पहुंचाते हैं। समय पर छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाओं और व्यस्क सभी को वैक्सीनेशन सुई के साथ-साथ, समय पर बूस्टर डोज भी लेते रहें। बैठक में उपस्थित थे डॉ दयानंद, रामजी बाबू ,दिनेश जी, आलोक जी, रविंदर जी, संजीव जी ,विनय जी, पीसीआई जुलेखा फातिमा जी, एयर इंडिया के चंदन जी मलेरिया फलेरिया विभाग की अजीत पटेल प्रियंका जी विनय जी रिचा कुमारी संगीता कुमारी कौशल जी रंजन जी तारकेश्वर जी सत्येंद्र जी तथा कई जनता आम नागरिक रहे।

