बड़हरा /भोजपुर (अमरेश सिंह)25 जुलाई।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य समिति भोजपुर के द्वारा योग प्रशिक्षक स्वामी विक्रमादित्य ने बडहरा स्वास्थ्य केन्द्र के उप स्वास्थ्य केन्द्र सह हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर करजा, बखोरापुर और सरैया में योग शिविर का संचालन किया।बखोरापुर पंचायत भवन के प्रांगण में मुखिया रितेश कुमार सिंह व उप स्वास्थ्य केन्द्र के संचालक सत्यरंजन कुमार सिंह की निगरानी में ग्रामिणों के लिए योग शिविर चलया जा रहा है। करजा उप स्वास्थ्य केन्द्र की संचालिका सुनिता सैनी की उपस्थिती में योग शिविर प्राथमिक विद्यालय में चलया जा रहा है। स्कूल के छात्रो ने इसमें बढ़ा चढ़ कर हिस्सा लिया।सरैया में रविदास मंदिर के मंच पर योग शिविर में व्यायाम की जानकरी दी गई।योगाभ्यास कराते हुए योग शिविर के माध्यम से योग प्रशिक्षक विक्रमादित्य ने कहा कि सभी अवस्थाओं में आसन एवं प्राणायाम किये जा सकते हैं।
इन क्रियाओं से स्वस्थ व्यक्ति का स्वास्थ्य उत्तम बनता है।वह रोगी नहीं होते और रोगी व्यक्ति स्वस्थ होते है।परन्तु कुछ ऐसे आसन भी होते हैं,जिनको रोगी व्यक्ति को नही करना चाहिए,जिनके कान बहते हो,नेत्र में लाली हो,स्नायु एवं हृदय दुर्बल हो,उनको शीर्षासन नहीं करना चाहिए।हृदय-दौर्बल्य वाले को अधिक भारी आसन-पूर्ण शलभासन,धनुरासन आदि नहीं करने चाहिए। अण्डवृद्धि वालों को भी वे आसन नही करने चाहिए, जिनसे नाभि के नीचे वाले हिस्से पर अधिक दबाव पडता है।उच्च रक्तचाप वाले रोगियों को सिर के बल किये जाने वाले शीर्षासन, सर्वाङ्गासन आदि नहीं करने चाहिए। जिनको कमर और गर्दन में दर्द रहता हो,वे आगे झुकने वाले आसन न करें।जिन व्यक्तियों का कभी अस्थिभङ्ग हुआ हो,वे कठिन आसनों का अभ्यास कभी नहीं करें,अन्यथा उसी स्थान पर हड्डी दोबारा टूट सकती है।
महिलाओं को ऋतुकाल में4-5दिन कठिन आसनों का अभ्यास नहीं करना चाहिए।मासिक-चक्र के समय बाह्य प्राणायाम को छोड़कर शेष सभी भर्त्सना,कपालभाती,उज्जयी, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी व उद् गीथादि प्राणायाम किशोरियों को अवश्य करने चाहिए। कपालभाती-प्राणायाम अत्यन्त धीमी गति से करना चाहिए।

