बागपत/उत्तर प्रदेश 19 जुलाई ।जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बड़ौत जनपद बागपत के तत्वाधान में आज शिक्षक संकुल हेतु जनपदीय कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी जीतेंद्र प्रताप सिंह द्वारा बाबू कामता प्रसाद जैन महाविद्यालय शाहपुर बडौली में किया गया। शिक्षा संकुल का गठन प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर किया जाता है जिसमें प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत नवाचारी बेहतर प्रयास करने वाले 5 शिक्षक/ प्रधानाध्यापक इसके सदस्य होते हैं जिनका मुख्य उद्देश्य अपने विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करना शिक्षक संग्रह मॉडल के रूप में प्रभावी सहयोग देना शिक्षा से जुड़ा फीडबैक देना महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान प्रदान करना न्याय पंचायत स्तर पर शिक्षकों की मासिक बैठक का भी आयोजन किया जाता है जिससे कि एक बेहतर शिक्षा का माहौल बनाया जा सके जिस के क्रम में आज जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शिक्षकों को उनके दायित्व कर्तव्य से रूबरू कराया उन्होंने कहा कि अगर एक शिक्षक अपनी शिक्षा सेवा के दौरान 10000 बच्चे पढ़ाता है उन्हें अच्छी शिक्षा देता है तो उसके लिए जीवन में उससे ज्यादा कुछ नहीं हो सकता शिक्षक द्वारा दी गई अच्छी शिक्षा को विद्यार्थी हमेशा याद रखता है और उसे कभी भी भुला नहीं पाता शिक्षक अपने दायित्वों का निर्भन ऐसे करें जैसे स्वयं अपने बच्चों के साथ करते हैं शिक्षक द्वारा अध्ययनरत विद्यार्थी भी उसके बच्चे के समान होते हैं इसलिए शिक्षक को सर्व कोटि का सम्मान दिया जाता है इस सम्मान के अनुकूलन शिक्षक को शिक्षा देनी चाहिए शिक्षा का जीवन में अपने विद्यार्थियों के प्रति लक्ष्य होना चाहिए, शिक्षक ईमानदारी से अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए शिक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं तो समझ लो देश के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए सरकार भी संकल्पित है उन्होंने कहा अच्छी शिक्षा से ही अच्छे राष्ट्र का निर्माण होता है जिसकी अच्छी भूमिका अदा करने के लिए एक शिक्षक होता है शिक्षकों को सत्य निष्ठाता, ईमानदारी कर्मठता , लग्नता , तत्परता के साथ अपने दायित्व का निर्भन करना चाहिए । उन्होंने कहा एक शिक्षक पर देश परिवार का विश्वास होता है अच्छे शिक्षक से ही अच्छे राष्ट्र का निर्माण होता है इसलिए सभी ईमानदारी के साथ कार्य करें ।
उन्होंने कहा शिक्षण देना शिक्षक के लिए सौभाग्य की बात है शिक्षा से बढ़कर इस संसार में कुछ नहीं है शिक्षा एक ऐसा ज्ञान है जिसे कोई खरीद नहीं सकता, कोई चुरा नहीं सकता शिक्षा से ही व्यक्ति को सम्मान मिलता है शिक्षा से ही व्यक्ति आगे बढ़ता है इसलिए सरकार भी अच्छे शिक्षकों को चयनित करने के लिए कटिबंध है । एक शिक्षक को शिक्षा के प्रति लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
इस अवसर पर डाइट प्राचार्य, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा, डिप्टी कलेक्टर मल्लिका सहित आदि उपस्थित रहे।

