आरा/ भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 12 जुलाई। शाहाबाद कमिश्नरी की मांग लंबे समय से चल रही है लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। जिसकी चिंता समाज सेवी संगठनो को है और फिर राज्य सरकार से दो-दो हाथ करने के लिए आगाह किया जा रहा है।
शाहाबाद कमिश्नरी संघर्ष मोर्चा के संयोजक धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इसके लिए लंबे समय से संघर्ष जारी है लेकिन सफलता नहीं मिली फिर भी राज्य सरकार को समिति आगाह करती है कि वर्ष 23 के समाप्ति तक शाहाबाद को कमिश्नरी घोषित किया जाए अन्यथा संगठन और समाज के प्रबुद्ध लोग 24 जनवरी से मुहिम का शंखनाद करेंगे और इसे अंजाम तक पहुंचाएंगे। चारों जिला को मिलाकर शाहबाद कमिश्नरी की मांग चिरलंवित है।पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भेंट कर शाहाबाद कमिश्नरी निर्माण की मांग संबंधित स्मार पत्र सौंपा गया लेकिन 4 माह बीतने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। सर्वदलीय आंदोलन की शुरुआत के प्रतिनिधि प्रोफेसर नीरज सिंह,पवन श्रीवास्तव ,भाई ब्रह्मेश्वर ,जितेंद्र शुक्ला ,अमरेंद्र कुमार ,कौशल विद्यार्थी, राजेंद्र तिवारी इंजीनियर राहुल रंजन सिंह ,इंजीनियर हर्षवर्धन सिंह ,विजय शंकर ओझा सहित सैकड़ों विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता आंदोलन को सफल बनाएंगे। संयोजक धीरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया छपरा कमिश्नरी बन गया ,चतरा कमिश्नरी बन गया लेकिन शाहाबाद कमिश्नरी का निर्माण क्यों नहीं। जबकि स्वतंत्रता आंदोलन में शाहाबाद का की अहम भूमिका रही है।सिंह ने बताया जनवरी 24 से करो या मरो का आंदोलन शाहाबाद कमिश्नरी के लिए शुरू होगा।

