हनुमानगढ़/राजस्थान 12 जुलाई । करीब 29 साल पहले 12 जुलाई 1994 के दिन श्रीगंगानगर जिले से अलग कर हनुमानगढ़ को नए जिला मुख्यालय के रूप में पहचान मिली, लेकिन इस जिले का इतिहास बेहद पुराना है। इसी इतिहास से आमजन को रूबरू करवाने के लिए जंक्शन स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में ऐतिहासिक दर्शन प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । प्रदर्शनी का शुभारंभ फीता काटकर अतिरिक्त जिला कलक्टर नोहर चंचल वर्मा, विधायक प्रतिनिधि भूपेंद्र चौधरी, जिला परिषद सीईओ अशोक असीजा ने किया ।
एपीआरओ राजपाल लंबोरिया ने आए हुए मुख्य अतिथियों को जिला स्थापना दिवस पर लगाई गई जिला इतिहास कि प्रदर्शनी का अवलोकन करवाया। इस दौरान भूपेंद्र चौधरी ने प्रदर्शनी में पुरानी तस्वीरों को देखते हुए कहा कि हनुमानगढ़ का इतिहास गौरवमयी है, जो हमें गौरवान्वित महसूस करवाता है । इस अवसर पर टाऊन के बॉम्बे स्टूडियो ने हनुमानगढ़ इतिहास कि पुरानी तस्वीरों को प्रदर्शित किया । इस अवसर पर सूजस मैगजीन और जनकल्याणकारी योजनाओं की बुकलेट का वितरण किया गया ।
लबोरियां ने बताया कि जिले के पुराने इतिहास को तस्वीरों और होर्डिंग के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया है। इसमें कालीबंगा, भटनेर दुर्ग, गोगामेडी, भद्रकाली, ब्रह्मणी माता, सिला माता, कबूतर शाह का गुरुद्वारा, सुखासिंह मेहताबसिंह गुरुद्वारा, सर छोटूराम स्मारक, नेचर ड्राइव पल्लू, इंदिरा गांधी नहर के साथ ही पिछले सालों में हुए ऐतिहासिक कार्य मेडिकल कॉलेज, सेंट्रल पार्क इत्यादि को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। प्रदर्शनी में जिले के इतिहास को दिखाती हुई पुरानी तस्वीरों का एक कलेक्शन दिखाया गया । जिसमे 1962 युद्ध समय, स्वामी केशवानंद, मिल्खा सिंह और मसीतावाली हैड के लोकार्पण कि तस्वीरों ने सभी को अपनी और आकर्षित किया । इस अवसर पर सोनू पुरोहित, चेतन शर्मा, त्रिलोक सिंह इत्यादि उपस्थित रहें ।

