
RKTV NEWS/अनिल सिंह 11 जुलाई। रोहतास नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के प्रतिनिधि तोराब नियाज़ी ने रोहतास पुलिस पर आरोप लगाते हुए न्याय की आस में अपना एक वीडियो जारी किया है।वीडियो में तोराब ने रोहतास पुलिस खासकर नगर थानाध्यक्ष द्वारा कानून का सहारा लेकर लोगो को परेशान करने की बात कही और वरीय पदाधिकारियों एवं बिहार के मुखिया नीतीश कुमार से इस पर संज्ञान लेने और बिहार पुलिस की गरिमा को बचाने का आग्रह किया है। तोराब नियाजी ने 07जुलाई को थाना कांड संख्या 348/22 के मामले में अपने घर पर फरारी का नोटिस चिपकाए जाने पर आश्चर्य और आपत्ति जाहिर करते हुए कहा की ये हास्यास्पद है।फ़रार तोराब नियाज़ी आखिरी के 1 सप्ताह में, यानी बकरीद पर्व के उपलक्ष में दिनांक 27 जून 23 को रोहतास थाना में शांति समिति की बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी, रोहतास थाना अध्यक्ष एवं अंचल अधिकारी की उपस्थिति में उपस्थित रहता है, अपनी बात रखता है थाना अध्यक्ष मुझे नाश्ता कराते हैं, चाय पिलाते हैं, और फिर लगभग एक घंटा थाना में रहने के बाद बहुत आराम से तोराब नियाज़ी निकल जाता है,

फिर 3 जुलाई को चौरासन शिव मंदिर पर लगने वाले श्रावणी मेला के उपलक्ष्य में निकाली गई भव्य शोभायात्रा में रोहतास थाना के सब इंस्पेक्टर एवं पुलिस कर्मियों के साथ यात्रा में रहता है, फिर दिनांक 6 जुलाई 23 को रोहतास प्रखंड मुख्यालय के सभागार में चौरासन शिव मंदिर पर लगने वाले मेला के उपलक्ष में कमेटी के सदस्यों के साथ एक बैठक बुलाई गई थी जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी, स्वयं रोहतास थाना अध्यक्ष भी मौजूद रहते हैं वहां भी तोराब नियाज़ी घंटो साथ बैठता है, बावजूद इसके तोराब नियाज़ी फ़रार है? इन सभी बिन्दुओं पर उन्होंने कहा की अब मुझे यह नहीं समझ में आ रहा है कि रोहतास पुलिस साबित क्या करना चाह रही है ? सीधे तौर पर पुलिस अधीक्षक महोदय एवं वरीय पदाधिकारियों से हमारी मांग है कि बकरीद के उपलक्ष्य में शांति समिति की बैठक के दौरान की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जाए या प्रखंड मुख्यालय की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जाए रोहतास थाना के द्वारा चल रहे अधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप जो “सेनानी” के नाम से है उसमें तोराब की सक्रियता को देखा जाए और इन सब बातों का जांच कराया जाए।
आवाज दबाने की कोशिश
तोराब ने अपने वीडियो में बताया है की उस पर दर्ज मुकदमा बेगुनाह लोगो को हर समय 107 के अंतर्गत तंग करने और घरों पर नोटिस भेजने के खिलाफ वर्ष 2022 में उठाए गए आवाज की सौगात थी जो प्रशासन द्वारा मेरी आवाज को दबाने के लिए किया गया था।
107 के सहारे करते है कमाई
तोराब ने आरोप लगाया की हर वर्ष रोहतास प्रशासन का यह धंधा बन गया है जो पर्वों के बाद और पहले बिचौलियों से मिलकर लगभग 400 हिंदू और मुस्लिम दोनो समुदायों के युवा, लाचार,बीमार,बूढ़े,बाहर रहकर काम कर अपने घर का गुजारा करवाने वाले लोगो के घर लिस्ट बना 107 की नोटिस को भेजा जाता है फिर बिचौलिए इसको खत्म कराने की बाते कर अलग अलग 500 से 1000 रूपयों की उगाही करते हैं और कहते है की सब ठीक हो जायेगा लेकिन लाचार और कानून से अनजान लोगों को इसकी जानकारी के अभाव में हर बार इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है जो प्रशासन की मिलीभगत से होता है और 107 इनकी कमाई का जरिया है। नियाज़ी ने इसकी निंदा करते हुए वरीय अधिकारियों से इस बात की जांच करने और आम जनमानस को राहत पहुंचाने की बात कही है।

DM,SP और मुख्यमंत्री से लगाई गुहार।
नियाज़ी ने अपने वीडियो के माध्यम से रोहतास के एसपी और DM सहित राज्य के मुखिया नीतीश कुमार से रोहतास प्रशासन द्वारा नियमो का दुरुपयोग कर लोगो को परेशान करने संबंधी बातो की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है और नियाज़ी ने कहा की मेरे मुकदमे जहां थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह बैठकों में साथ रहते हैं ,चाय पिलाते है और फिर फरारी बता नोटिस भी लगवा कमाई का रास्ता बनाते है से प्रशासन की मनसा साफ जाहिर होती है।
साख धूमिल करने और दबंगई कर कमाई की कोशिश।
तोराब नियाज़ी ने कहा की विकास विरोधी और गैर सामाजिक तत्वों के इशारे पर मुख्य पार्षद के घर नोटिस लगवाना ये साख को धूमिल करने और विकास को रोकने की साजिश है जिसमे थानाध्यक्ष संलिप्त हैं और समाज के अन्य लोगो को यह दिखा की मुख्य पार्षद के घर नोटिस चिपका सकते है का डर बना दबंगई कर कमाई की साजिश है।


