उपायुक्त ने समयबद्ध आपूर्ति एवं पारदर्शिता पर दिया विशेष बल।
खाद्यान्नों के डोर स्टेप डिलीवरी की प्रक्रिया प्रत्येक माह के 7 तारीख तक निश्चित रूप से पूर्ण करने का दिया गया निर्देश।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)08 मई। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में जिला खाद्य आपूर्ति विभाग की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मदवार आवंटन, खाद्यान का उठाव, वितरण, चीनी एवं नमक का वितरण, राशन का निर्गत, राशन कार्ड में नाम जोड़ने व हटाने की स्थिति, नयी अनुज्ञप्ति की स्थिति आदि की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए आवश्यक निदेश दिए गयें। बैठक में जिले में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, वितरण प्रणाली की वर्तमान स्थिति तथा उसे और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने को लेकर विस्तारपूर्वक गहन विचार-विमर्श किया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम/National Food Security Act (NFSA) के अंतर्गत लाभुकों के ई-केवाईसी की स्थिति, राइटफुल टार्गेटिंग, आधार एवं मोबाइल सीडिंग, तथा राशन कार्ड में सदस्यों के जोड़-घटाव ERCMS (E- Ration Card Management System) के माध्यम से) की प्रगति एवं जिलान्तर्गत विभिन्न प्रकार के PHH (Priority Household), AAY (Antyodaya Anna Yojana), व्हाइट एवं ग्रीन कार्ड की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही गोदामों के निर्माण एवं मरम्मति, डिपो एसेट मैनेजमेंट एप्लीकेशन तथा खाद्यान्नों के उठाव एवं डोर स्टेप डिलीवरी की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त श्री मित्तल ने कहा कि डोर स्टेप डिलीवरी की प्रक्रिया प्रत्येक महीने के 7 तारीख तक निश्चित रूप से सुनिश्चित किया जाय तथा संबंधित गोदामों में खाद्यान आपूर्ति होने की रिपोर्ट उन्हें पूर्व में ही माह के 5 से 6 तारीख तक उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैठक में माह अप्रैल 2026 के लिए NFSA (National Food Security Act) एवं JSFSS (Jharkhand State Food Security Scheme.Purpose) के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण, DSD (Door Step Delivery) व्यवस्था, धोती/लुंगी/साड़ी वितरण, नमक वितरण, AGRS (Anna Grievance Redressal System) एवं PGMS (Public Grievance Management System) से संबंधित शिकायतों के निवारण, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, तथा खरीफ विपणन मौसम (KMS- Kharif Marketing Season) 2026-27 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की प्रगति की भी क्रमवार समीक्षा की गई। उपस्थित सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जन वितरण प्रणाली दुकानों का सतत औचक निरीक्षण करना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि समयबद्ध आपूर्ति, पारदर्शिता और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लाभुकों को निर्बाध, सुचारु एवं गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। साथ ही शिकायतों के शीघ्र निष्पादन नहीं करने, खाद्यान्नों की कालाबाजारी, अनियमितता अथवा योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उपस्थित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को उनके कर्तव्यों के अनुरूप सकारात्मकता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया। इस दौरान उपरोक्त बिंदुओं पर समीक्षा के दौरान अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस पाए जाने पर उपायुक्त द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई एवं संबंधित पदाधिकारी को कार्य प्रणाली में सुधार करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन का निर्देश दिया गया। साथ ही धान अधिप्राप्ति, खाद्यान्न वितरण, पैक्सों की कार्यप्रणाली, खाद्यान्नों के भंडारण एवं वितरण, प्रतिवेदनों की अद्यतन स्थिति, आदि में लापरवाही प्रदर्शित होने पर जिला आपूर्ति आपूर्ति पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई तथा कार्य प्रणाली में सुधार करने की बात कही गई। बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि वर्ष 2024 के बाद जिले के किसी भी गोदाम में चीनी की आपूर्ति नहीं की गई है, जिसके कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं देने पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी को कारणपृच्छा करने का निदेश दिया गया। साथ ही उपायुक्त श्री मित्तल ने समीक्षा के दौरान उपरोक्त बिंदुओं पर अपेक्षाकृत धीमी प्रगति व पुअर परफॉरमेंस होने पर चिंता व्यक्त की तथा आगामी बैठक में सभी कार्यों को निश्चित रूप से पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया। तत्पश्चात बैठक की कार्रवाई समाप्त की गई।
उक्त समीक्षा बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम, जिले के सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सभी गोदाम प्रबंधक तथा आपूर्ति विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थें।

