
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )08 मई। 07 मई को उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल ने मेराल प्रखंड अंतर्गत विभिन्न सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने मेराल प्रखंड कार्यालय एवं अंचल कार्यालय पहुंचकर विभिन्न शाखाओं का अवलोकन किया तथा कार्यों की वस्तुस्थिति से अवगत हुए। इस दौरान उन्होंने मनरेगा एवं अन्य कंप्यूटर ऑपरेटरों से संवाद कर कार्य निष्पादन की जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रखंड कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रखंड कार्यालय के नाजिर से स्टॉक पंजी सहित अन्य अभिलेखों एवं पंजियों की जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके उपरांत उपायुक्त ने सोहबरिया स्थित कल्याण विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु नवनिर्मित आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने बताया कि भवन का हैंडओवर हो चुका है, किंतु अब तक विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ नहीं हो पाई हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस आवासीय विद्यालय में 240 छात्र-छात्राओं के रहने की क्षमता है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए विद्यालय का संचालन शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने मेराल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का भी औचक निरीक्षण किया। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना एवं कायाकल्प योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) ने उपायुक्त को बताया कि प्रतिदिन लगभग 70 से 80 मरीज इलाज हेतु यहां पहुंचते हैं।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पाया कि सीएचसी परिसर में बाउंड्री वॉल का अभाव है, जिस पर उन्होंने शीघ्र बाउंड्री वॉल निर्माण कराने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने स्टोर रूम का निरीक्षण कर उपलब्ध दवाओं की जांच की तथा MOIC को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी दवाएं अस्पताल में नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने समय-समय पर दवाओं की जांच कर एक्सपायरी दवाओं को नष्ट करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान बिजली व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अविलंब दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में ऑटोमेटिक चेंजर की व्यवस्था करने एवं दो स्रोत से बिजली कनेक्शन का उपयोग सुनिश्चित करने की बाते कहीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने बिजली न रहने की स्थिति में सोलर तथा जनरेटर की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए।
जांच के क्रम में उपायुक्त ने डॉक्टर रोस्टर की भी समीक्षा की तथा निर्देश दिया कि किसी चिकित्सक की अनुपस्थिति की स्थिति में उसके स्थान पर ड्यूटी कर रहे चिकित्सक का स्पष्ट उल्लेख रोस्टर में किया जाए। MOIC ने जानकारी दी कि मेराल सीएचसी अंतर्गत पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का संचालन भी किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने वहां पदस्थापित चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता की जानकारी भी उपायुक्त को दी।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ प्रखंड सह अंचल पदाधिकारी यशवंत नायक, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल प्रेमलाल सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, MOIC मेराल सहित प्रखंड एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित थे।
