जगजीवन बाबू का व्यक्तित्व एवं कृतित्व अनुकरणीय:प्राचार्या प्रो आभा सिंह
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 07 जुलाई।जगजीवन कॉलेज के संस्थापक, देश के उप प्रधानमंत्री तथा समतामूलक समाज के संस्थापक बाबू जगजीवन राम की 37वीं पुण्यतिथि का आयोजन कॉलेज की प्रतिमा स्थल पर प्राचार्या प्रो आभा सिंह की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर जगजीवन बाबू की सुपुत्री ,पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार उपस्थित रही। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबू जगजीवन राम के तस्वीर पर माल्यार्पण से हुआ। तत्पश्चात कालेज प्रांगण में माता श्री की स्मृति में नवनिर्मित उद्यान का लोकार्पण किया और यादगार में कई पौधारोपण भी किया।
अपनी यादों को रखते हुए मीरा कुमार ने कहा कि बाबूजी जिस परिस्थितियों में पढे, समाज की प्रताड़ना का सहन किया, जिस गुलामी को देखा,अब समाज के दूसरे लोगों को जिल्लत भरी जिंदगी न जीना पड़े। बाबूजी हम सबों के प्रेरणा स्रोत रहे हैं। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो ,समाज सेवा का या राष्ट्रीयता की बात हो हर समय वह देश के लिए अगली पंक्ति में खड़े रहे।
वही प्राचार्य प्रो आभा सिंह ने अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहां की जगजीवन बाबू विषम परिस्थितियों में शिक्षा ग्रहण की, स्वतंत्रता आंदोलन में जेल गए, अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर कृषि मंत्री, रक्षा मंत्री का पद सुशोभित करते हुए उप प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे। शिक्षा के महत्व को समझते हुए उन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति को युवाओं के लिए समर्पित कर दिया।आज समस्त जिला वासी ,बिहार वासी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर गर्व करते हैं। इस मौके पर प्रो आभा सिंह ,प्रो राधा मोहन सिंह, एनसीसी के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो डॉक्टर नवारुण घोष, एनसीसी ऑफिसर प्रो शहाब उद्दीन, प्रो गुलाब फलाहारी, प्रो सुनील कुमार,प्रो अजय कुमार बोटेनी, मनोविज्ञान, शिरोमणि सिंह, राजीव नयन, रितिका पांडे, संजय कुमार मनोज कुमार श्रीवास्तव रामानुज तिवारी जय वीर कुमार कथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



जगजीवन बाबू का व्यक्तित्व एवं कृतित्व अनुकरणीय:प्राचार्या प्रो आभा सिंह