खाद्य पदार्थों में गैर-अनुमत (Non-permitted) कृत्रिम रंगों के प्रयोग पर विशेष रूप से रोक।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के साथ व्यवसाय संचालित करने का दिया निदेश।
RKTV NEWS/गढ़वा (झारखंड)19 सितंबर।उपायुक्त गढ़वा पशुपतिनाथ मिश्रा के निदेशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गढ़वा- 2 अनिरुद्ध राय द्वारा गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान मिठाई दुकानों, खुदरा खाद्य विक्रेताओं एवं खाद्य पदार्थों के वितरकों के प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई।
निरीक्षण के क्रम में विशेष रूप से पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की गई। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया गया कि वे उपभोक्ताओं को केवल ताजा एवं गुणवत्तापूर्ण दूध तथा दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराएं। साथ ही खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं बिक्री के दौरान निर्धारित स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान FSSAI द्वारा प्रतिबंधित/रिकॉल किए गए 115 खाद्य उत्पादों के संबंध में भी प्रतिष्ठानों एवं वितरकों के स्टॉक की जांच की गई। खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि प्रतिबंधित अथवा वापस लिए गए खाद्य उत्पादों का भंडारण, वितरण या बिक्री किसी भी परिस्थिति में न किया जाए। ऐसे उत्पाद पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि दूषित, मिलावटी अथवा अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार खाद्य पदार्थों का सेवन लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसलिए खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराएं।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों में गैर-अनुमत (Non-permitted) कृत्रिम रंगों के प्रयोग पर भी विशेष रूप से रोक लगाने का निर्देश दिया गया। खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट किया गया कि केवल खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अनुमत रंगों का ही निर्धारित सीमा के भीतर उपयोग किया जा सकता है। गैर-अनुमत रंगों का प्रयोग पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई एवं दंडात्मक प्रावधानों को लागू किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, मिलावट एवं अस्वास्थ्यकर खाद्य प्रथाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

