
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)16 जून।स्थानीय मानसरोवर कॉलोनी, अस्पताल रोड स्थित सावित्री श्याम संगीत महाविद्यालय सभागार में आठ दिवसीय संस्कार गीत कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वन से हुआ।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्राधीक्षक कावेरी मोहन ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों का हौसला अफजाई किया।नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।साहित्यकार अरुण शीतांश ने प्रशिक्षुओं से माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने का आह्वान किया। प्रशिक्षक एवं संगीत शिक्षक नागेंद्र नाथ पाण्डेय ने जन्म से लेकर मृत्यु तक गाए जाने वाले 16 संस्कारों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए संस्कार गीतों को जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता बताई।
इसके बाद प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत देवी गीत “रथ हिलात जाए” से की गई। साथ ही प्रतिभागियों को “खिलौना गीत” भी सिखाया गया। ढोलक पर अंकु पाण्डेय ने संगत की। इस अवसर पर डॉ. के. सहाय, डॉ. ममता मिश्रा, शिक्षक हरीश चंद्र साह, डब्लू कुमार, धर्मेंद्र कुमार, कृष्णकांत मानस, सुभाष राय, शैलेन्द्र कुमार सिंह, तथा संजीव कुमार शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
