अवैध राशि उगाही एवं अनुशासनहीनता के आरोप में राजस्व उप निरीक्षक निलंबित।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)29 मई।उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर अवैध राशि उगाही एवं सरकारी सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों के मामले में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए राजस्व उप निरीक्षक, अंचल कार्यालय रमना, दिवाकर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामला उस वीडियो से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसमें भूमि नामांतरण के नाम पर अवैध राशि लेने तथा PhonePe के माध्यम से राशि प्राप्त करने और बाद में राशि वापस नहीं करने का आरोप सामने आया। वीडियो के संज्ञान में आने के बाद उपायुक्त के निर्देश पर अंचल अधिकारी, रमना से विस्तृत जांच एवं स्पष्टीकरण प्रतिवेदन मांगा गया।
जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि दिवाकर सिंह द्वारा राशि लिए जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होते हैं। शिकायतकर्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि रजिस्टर-2 के अपडेटेशन के लिए धनराशि की मांग की गई थी, जिसकी जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों ने आरोपों को आंशिक रूप से पुष्ट किया।
प्रशासन ने इस आचरण को घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं सरकारी सेवक आचार नियमावली के विपरीत माना है। इस संबंध में झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत कार्रवाई करते हुए दिवाकर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अंचल कार्यालय, भंडरिया निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमित उपस्थिति दर्ज करानी होगी। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, दिवाकर सिंह के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का भी निर्देश दिया गया है। अंचल अधिकारी, रमना को आरोप पत्र तैयार कर अनुमंडल पदाधिकारी, श्री बंशीधरनगर के माध्यम से अविलम्ब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार, अवैध उगाही एवं कर्तव्यहीनता के प्रति जिला प्रशासन की नीति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की है तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

